नगर पालिका समीक्षा बैठक पर उठे सवाल, सत्ता पक्ष के पार्षद ने खोली गंदे पानी की पोल
गंदे पानी की सप्लाई, वार्डों में अव्यवस्थाएँ और बैठक से पार्षदों को दूर रखने के आरोपों ने बढ़ाई सियासी हलचल

सिवनी नगर पालिका गंदा पानी पर बवाल – परिषद की कार्यशैली कटघरे में
Seoni 18 May 2026
सिवनी यशो:- नगर पालिका अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया द्वारा सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में विकास कार्यों, साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए, लेकिन दूसरी ओर नगर के कई वार्डों में व्याप्त अव्यवस्थाओं और सत्ता दल के पार्षदों की नाराजगी ने परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बैठक में अध्यक्ष श्री सनोडिया ने सीवर लाइन, ऑडिटोरियम, कार्यालय भवन और स्वीमिंग पूल जैसे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात से पहले नाले-नालियों की सफाई और पेयजल व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया। लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग दिखाई दे रही है।
सत्ता दल के पार्षदों में नाराज़गी, बैठक से दूर रखने के आरोप
नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर सत्ता पक्ष के कुछ पार्षदों में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। सोशल मीडिया पर भी पार्षदों की नाराजगी सार्वजनिक रूप से दिखाई दे रही है। आरोप है कि समीक्षा बैठक में कुछ पार्षदों को आमंत्रित ही नहीं किया गया, जिनमें सत्ता दल के पार्षद भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसे भाजपा की आंतरिक कलह से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
गंदे पानी की सप्लाई पर जनता में आक्रोश
विवेकानंद वार्ड के पार्षद राजेश राजू यादव इन दिनों अपने वार्ड में गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई को लेकर आमजनों के गुस्से का सामना कर रहे हैं। खास बात यह है कि पार्षद यादव ने स्वयं सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि उनके वार्ड में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के दूषित पानी से संक्रामक और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। नागरिकों ने नगरीय प्रशासन, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दूषित जलापूर्ति बंद करने तथा शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही लंबे समय से हो रही जलापूर्ति के स्वास्थ्य प्रभावों की जांच कराने की मांग भी उठाई जा रही है।
पार्षद ने सीएमओ के व्यवहार पर जताई आपत्ति
जानकारी के अनुसार सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पार्षद राजेश राजू यादव को आमंत्रित नहीं किया गया। इस पर उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी विशाल सिंह मस्कोले के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
पार्षद यादव का आरोप है कि नगर पालिका में इन दिनों व्यापक अव्यवस्थाएँ व्याप्त हैं तथा मनमानी नियुक्तियाँ की जा रही हैं। उन्होंने नगर और वार्डों की पेयजल व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है।
सवालों के घेरे में परिषद की कार्यशैली
एक ओर समीक्षा बैठकों में विकास और व्यवस्थाओं को सुधारने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वार्डों में गंदे पानी, सफाई समस्याओं और पार्षदों की नाराजगी ने नगर पालिका परिषद की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इन शिकायतों और आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।



