पीएम कॉलेज परीक्षा फर्जीवाड़े पर NSUI का कलेक्टर को ज्ञापन, FIR और निष्पक्ष जांच की मांग
बाहरी युवक को परीक्षा में बैठाने, जनभागीदारी अध्यक्ष पर प्रभाव के दुरुपयोग और शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Seoni 18 May 2026
सिवनी यशो:- NSUI ने प्रधानमंत्री कॉलेज सिवनी में आयोजित परीक्षा के दौरान कथित रूप से बाहरी युवक को परीक्षा में बैठाए जाने के मामले को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मामले ने जिले की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि Government PM College Seoni में नियमित छात्र अनुज गहलोद के स्थान पर बाहरी युवक अजय गहलोद को परीक्षा में बैठाया गया। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित युवक भाजपा से जुड़ा हुआ है तथा स्थानीय राजनीतिक प्रभाव के चलते उसे लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
ज्ञापन में कॉलेज के जनभागीदारी अध्यक्ष बाबा पांडेय पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनका कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद कॉलेज में प्रभाव बना हुआ है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
पूर्व की घटनाओं का भी किया उल्लेख
ज्ञापन में पूर्व में सामने आए उत्तरपुस्तिका मामले का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें आयुष बोरकर नामक छात्र पर उत्तर पुस्तिका घर ले जाकर लिखने का आरोप लगा था। शिकायतकर्ताओं के अनुसार उस समय भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन कठोर कार्रवाई नहीं होने के कारण इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है।
परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ज्ञापन में कहा गया है कि बिना परीक्षा केंद्र में नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही या मिलीभगत के ऐसी घटना संभव नहीं है। परीक्षा केंद्र में पहचान सत्यापन और दस्तावेज जांच की जिम्मेदारी ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की होती है, इसके बावजूद बाहरी व्यक्ति का परीक्षा में शामिल होना गंभीर प्रशासनिक चूक माना जा रहा है।
ये मांगे रखीं गईं
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि—
- पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
- कॉलेज प्राचार्य, परीक्षा नियंत्रक और ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों की भूमिका की जांच हो
- दोषी पाए जाने वालों पर तत्काल FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए
- भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह मामला विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन को तत्काल और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।



