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मध्यप्रदेशसिवनी

सिवनी: सिंधु हॉस्पिटल में गूंजी तीन बच्चों की किलकारी, डॉक्टरों ने असंभव को किया संभव

दो माह पहले गर्भपात की सलाह, अब सुरक्षित जन्मे दो बेटे और एक बेटी — मां और तीनों बच्चे स्वस्थ

सिवनी, 21 अप्रैल: सिवनी यशो :- सिवनी जिले में चिकित्सा क्षेत्र का एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने असंभव माने जा रहे केस को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए एक महिला की जान बचाई और तीन नवजात शिशुओं को सुरक्षित जन्म दिलाया। जानकारी के अनुसार केवलारी विकासखंड की पारसपानी पंचायत निवासी 36 वर्षीय ग्यारसी बाई बघेल की गर्भावस्था को लेकर पहले चिकित्सकों ने गंभीर जोखिम बताते हुए गर्भपात (एबॉर्शन) की सलाह दी थी। स्थिति इतनी जटिल बताई गई थी कि महिला की जान बचाने के लिए गर्भ समाप्त करना आवश्यक बताया गया। लेकिन महिला के पति आदेश बघेल ने हिम्मत नहीं हारी और सिवनी स्थित सिंधु हॉस्पिटल के संचालक डॉ. जी.एस. सिद्धू से संपर्क किया। डॉ. सिद्धू ने भरोसा दिलाया कि वे पूरी कोशिश करेंगे और महिला का सुरक्षित इलाज करेंगे।
“जहां उम्मीद खत्म हो रही थी, वहां से शुरू हुई जिंदगी की नई कहानी”
लगभग दो माह तक लगातार निगरानी और उपचार के बाद 20 अप्रैल को ग्यारसी बाई बघेल ने एक पुत्री और दो पुत्रों को जन्म दिया। इस जटिल प्रसूति को सफल बनाने में डॉ. जी.एस. सिद्धू, प्रेमलता बानोदिया, कृपाल चौरसिया, दुलही डहरिया और समस्त मेडिकल स्टाफ का विशेष योगदान रहा। वर्तमान में तीनों नवजात शिशु और मां पूरी तरह स्वस्थ हैं और अस्पताल में देखरेख में हैं।

परिवारजनों ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताते हुए कहा कि एक साथ तीन बच्चों का जन्म उनके लिए अपार खुशी और सौभाग्य का क्षण है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया है।

वहीं डॉ. जी.एस. सिद्धू ने कहा कि वे केवल एक माध्यम हैं और यह सब ईश्वर की कृपा से संभव हुआ है। उन्होंने पूरी टीम और सहयोगियों के योगदान को भी सराहा।

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