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प्रकृति भी राममय बनाने का प्रयास हो – शिप्रा

 

वाटर वूमेन शिप्रा का अभिनंदन
वाटर वूमेन शिप्रा का अभिनंदन

सिवनी यशो:- अयोध्या से राम नाम का संकल्प लेकर 27 नवंबर को निकलीं वाटर वूमेन शिप्रा पाठक की राम जानकी वन गमन पद यात्रा रविवार को सिवनी से निकलकर कुरई पहुंची। यात्रा के साथ समाजसेवी एवं भाजपा नेता नरेन्द्र टांक अपने परिवार एवं स्नेहीजनों के साथ शिप्रा पाठक एवं यात्रा में साथ चल रहे यात्रियों के साथ कुरई तक शामिल होंगे। यात्रा के मार्ग में शिप्रा का जगह जगह स्वागत हुआ एवं कुरई में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने भगवान राम के प्रति अगाध श्रद्धा भाव एवं सामाजिक चेतना के लिये पद यात्रा कर रही वाटर वूमेन शिप्रा का अभिनंदन एवं चरण वंदन किया गया । शिप्रा के करई पहुँचने पर स्थानयी जनों ने आत्मीय स्वागत किया । भाजपा जिला उपाध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने पदयात्रा पहुँचने के पूर्व शिप्रा सहित पदयात्रा में चल रहे उनके सहयोगियों के विश्राम की व्यवस्थाएँ की रविवार को रात्रि विश्राम के पश्चात पदयात्रा रामटेक की ओर प्रस्थान करेंगी सोमवार को यात्रा का विश्राम देवलापार में होगा ।

 पैदल यात्रा कर रही शिप्रा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये
पैदल यात्रा कर रही शिप्रा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये

राम वनगमन पथ पर पैदल यात्रा कर रही शिप्रा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये बताया कि देश में बदलाव आ रहा है पूरा देश भगवान श्रीराम की भक्ति में डूबा हुआ है रामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर में प्रभु श्रीराम प्रष्ठित होने जा रहे है । उनकी इस लंबी यात्रा उद्देश्य है कि राम के प्रति जन जन की जो आस्था है वह प्रबल हो और भगवान के देश को रामायण काल के अनुसार बनाने के लिये हम सब संकल्पित हो, शुद्ध पर्यावरण हो, वनों की अधिकता हो, नदियाँ निर्मल हो, नशामुक्त समाज हो, संस्कृति और संस्कारों का संरक्षण हो ।
उन्होंने बताया कि सरयू से सागर नाम से जानी जा रही इस 4000 किमी की पदयात्रा को पूरे भारत में भक्ति,अध्यात्म और पर्यावरण की दृष्टि से देखा जा रहा है। जहां एक तरफ अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर भी पद यात्रा का उत्साहित होकर जगह जगह राम भक्त स्वागत कर रहे हैं और उन्हें शक्ति प्रदान कर रहे है । वहीं दूसरी ओर प्रकृति प्रेमी भी जल संरक्षण के लिए वाटर वूमेन के कार्यों से प्रभावित होकर पदयात्रा में भाग ले रहे हैं। शिप्रा अपनी पंच तत्व संस्था के माध्यम से भारत में जल,जंगल नदी संरक्षण के लिए कार्य के लिए जानी जाती है।उन्होंने बताया कि वे मध्य प्रदेश की माँ नर्मदा की पैदल यात्रा के अलावा उत्तर प्रदेश की आदि गंगा गोमती,सरयू,मंदाकिनी की पैदल यात्रा कर नदियों के किनारों पर समय समय पर पौधारोपण का कार्य कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का कार्य भी ईश्वरीय कार्य मानकर बड़ी श्रद्धा के साथ करती है ।

प्रकृति भी राममय बनाने का प्रयास हो - शिप्रा - Seoni News
शिप्रा पाठक की इस पद यात्रा का मुख्य उद्देश्य आज के युवाओं को भगवान राम जानकी के पूजन से ज्यादा उनके कार्यों को आत्मसात करने के अलावा राम जानकी वन गमन पथ को रामायणकालीन हरा भरा करने का है। इसके लिए जगह जगह लोगों के सहयोग से राम जानकी वाटिका भी स्थापित कराएंगी।वाटर वूमेन शिप्रा ने रामभक्तों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि राम वन गमन पथ पर आज भी राम तत्व है जिसे उन्होंने स्वयं महसूस किया है उनकी इस यात्रा को भगवान राम का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त है जिसकी सहायता से ही इतना बड़ा संकल्प पूरा हो रहा है।शिप्रा के स्वागत में रामभक्तों ने जगह जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया।जानकी माता के प्रति शिप्रा का भक्ति भाव देखते हुए सिवनी में प्रवेश करते ही सकड़ों महिलाओं ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया।पूछे जाने पर महिलाओं ने बताया सोशल मीडिया द्वारा उनके आने की सूचना प्राप्त होने पर दीदी से हम लोगों ने संपर्क किया तब कार्यक्रम पता चला।शिप्रा पाठक की पद यात्रा का अगला पड़ाव महाराष्ट्र की सीमा में प्रवेश कर रामटेक होगा।शिप्रा की ये पैदल यात्रा उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़,महाराष्ट्र कर्नाटक,केरल,आंध्र प्रदेश होकर रामेश्वरम तमिलनाडु के जंगलों से होते हुए निकल रही है।

Dainikyashonnati

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