श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सिवनी 4 घंटे चला संगीतमय सुंदरकांड
सिवनी यशो:- नगर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, छिंदवाड़ा रोड स्थित राजश्री पैलेस में नरेंद्र टांक के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के चौथे दिन शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सिवनी व अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सिवनी स्थल को आकर्षक फूलों, झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। कथा व्यास पंडित प्रेमकृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि जब पृथ्वी पर अधर्म और अन्याय का प्रकोप बढ़ जाता है, तब भगवान विष्णु स्वयं अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।

“नंद के आनंद भयो” से गूंज उठा पंडाल
उन्होंने कहा कि कारागार में भगवान का जन्म केवल एक दिव्य घटना नहीं, बल्कि यह संदेश है कि जब भी मानवता संकट में होती है, तब ईश्वर स्वयं उसका उद्धार करने आते हैं। जैसे ही जन्म प्रसंग का वर्णन हुआ, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उत्सव का स्वागत किया।
मनमोहक झांकी और भक्ति में सराबोर श्रद्धालु
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सिवनी की झांकी अत्यंत आकर्षक रही। झूले में लड्डू गोपाल का भव्य श्रृंगार किया गया था। महिलाएं और बच्चे भक्ति गीतों पर नृत्य करते नजर आए। भजन-कीर्तन के साथ श्रद्धालुओं ने रासलीला के प्रसंगों का आनंद लिया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक उल्लास से भर गया।

विशेष भोग और प्रसाद वितरण
आयोजकों ने बताया कि प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। जन्मोत्सव के अवसर पर माखन-मिश्री, फल-मिष्ठान और पंचामृत का विशेष भोग अर्पित किया गया। कथा के उपरांत भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
सामूहिक आरती में उमड़ा जनसमूह
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक आरती एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर लोककल्याण की कामना की। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
संगीतमय सुंदरकांड ने बांधा समां
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से पधारे गणेश मिश्रा ने संगीतमय सुंदरकांड के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले 11 वर्षों से वे सुंदरकांड के माध्यम से जीवन में भक्ति और सकारात्मकता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुंदरकांड का नियमित पाठ व्यक्ति को भगवान राम और हनुमान की कृपा का पात्र बनाता है।
उन्होंने बताया कि शनिवार के इस विशेष अवसर पर सुंदरकांड का 2233वां पाठ किया जा रहा है। इस दौरान उनके सुपुत्र निखिल मिश्रा ने कोरस के साथ भक्ति गीत प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। लगभग चार घंटे तक चले इस संगीतमय सुंदरकांड में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर सहभागिता की।
आयोजकों का आग्रह
आयोजक नरेंद्र टांक ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया।





