नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश का भाग्य बदलने वाला कानून: श्रीमती मीना बिसेन
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम अध्याय

नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण: श्रीमती मीना बिसेन का बड़ा बयान
🔸 राजनीति में बढ़ेगा महिलाओं का प्रतिनिधित्व
🔸 कांग्रेस पर साधा निशाना, बताया महिला विरोधी मानसिकता का परिचायक
सिवनी यशो :- भारतीय जनता पार्टी जिला सिवनी की जिलाध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश का भाग्य बदलने वाला ऐतिहासिक कानून बताया है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम न केवल महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम अध्याय लिखेगा, बल्कि देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की मुख्यधारा में स्थापित करेगा।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में आरक्षण देने की मांग समय-समय पर उठती रही, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इसे कभी गंभीरता से लागू करने का प्रयास नहीं किया। वहीं अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में महिला आरक्षण बिल लाने की कोशिश की गई, किंतु विपक्ष के विरोध के कारण यह पारित नहीं हो सका।

देश ऐतिहासिक निर्णय का साक्षी बनने जा रहा है
श्रीमती बिसेन ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि दशकों से प्रतीक्षित सामाजिक न्याय का संकल्प है। यह अधिनियम महिलाओं को केवल मतदाता या वोट बैंक नहीं, बल्कि नीति-निर्माता और नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्र भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है, जो मातृशक्ति को “याचक” से “नायक” की भूमिका में स्थापित करेगा। वर्षों से संसद की दहलीज पर खड़ी भारत की बेटियों का इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है।
महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा कानून
श्रीमती मीना बिसेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार मिला है। यह कानून महिलाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाएगा और उन्हें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाएगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन आजादी के बाद उनके अधिकारों की अनदेखी की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऐतिहासिक कानून के माध्यम से उस कमी को पूरा किया है।

आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में निभाएगा अहम भूमिका
श्रीमती बिसेन ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य में यह कानून महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जब महिलाएं नेतृत्व में आएंगी, तो संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ देश के विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों में पहले से 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है और वहां महिलाओं का प्रतिनिधित्व 54 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अब संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से महिलाएं और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएंगी।
कांग्रेस पर तीखा हमला
श्रीमती मीना बिसेन ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक महिला आरक्षण के नाम पर केवल राजनीति की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियां सदैव महिला विरोधी रही हैं और उन्होंने कभी ईमानदारी से महिलाओं को अधिकार देने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह जवाब देना चाहिए कि जब उसे लंबे समय तक पूर्ण बहुमत मिला, तब महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम
श्रीमती बिसेन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और मुद्रा योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि चुनी हुई महिला जनप्रतिनिधि संसदीय बहसों की गुणवत्ता को बढ़ाएंगी और देश के समग्र विकास में सकारात्मक योगदान देंगी।
निष्कर्ष
“नारी शक्ति वंदन अधिनियम” नए भारत की लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण का ऐतिहासिक संकल्प है, जो देश को विकास के नए आयाम तक ले जाएगा।
🖊️ मनोज मर्दन त्रिवेदी
भारतीय जनता पार्टी, मीडिया विभाग, सिवनी
https://www.pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=2251371®=3&lang=2





