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झोलाछाप डॉक्टरों के हौंसले बुलंद मरीजों की जान से कर रहे खिलवाड़

गॉव गॉव पसरा झोलाछापो का मकड़ जाल

Chhindwara 28 May 2025
छिंदवाड़ा यशो:- छिंदवाड़ा जिले के चौरई अनुभाग में गांव-गांव व शहर में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। चाय की गुमटियों जैसी दुकानों में झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। मरीज चाहे उल्टी, दस्त, खांसी, बुखार से पीडि़त हो या फिर अन्य कोई बीमारी से। सभी बीमारियों का इलाज यह झोलाछाप डॉक्टर करने को तैयार हो जाते हैं। अगर किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो उसे आनन फानन में जिला अस्पताल छिंदवाड़ा भेज दिया जाता है। जबकि यह स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की जानकारी में भी है क़ी यें बिगड़े केस झोलाछापो के है परन्तु इन पर कार्यवाही कोई करना नहीं चाहता जिससे इनके हौसले दिन व दिन बढ़ते जा रहे है

चौरई अनुभाग के ग्रामीण क्षेत्र मे दर्जनों गांव ऐसे हैं जहां सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधाएं नहीं हैं। इसका फायदा सीधे तौर पर झोलाछाप डॉक्टर उठा रहे हैं। ग्रामीणो के अनुसार गांव में सरकारी इलाज की सुविधा नहीं है। बीमार होने पर झोलाछाप डॉक्टरों से ही इलाज कराना पड़ता है।

बिना लाइसेंस के दवाओं का भंडारण भी करते हैं झोलाछाप डॉक्टर

झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा बिना पंजीयन के एलोपैथी चिकित्सा व्यवसाय ही नहीं किया जा रहा है। बल्कि बिना ड्रग लाइसेंस के दवाओं का भंडारण व विक्रय भी अवैध रूप से किया जा रहा है। दुकानों के भीतर कार्टून में दवाओं का अवैध तरीके से भंडारण रहता है। चौरई अनुभाग में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई सालों से अवैध रूप से चिकित्सा व्यवसाय कर रहे लोगों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। इन दिनों मौसमी बीमारियों का कहर है। झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें मरीजों से भरी पड़ी हैं। गर्मी व तपन बढऩे के कारण इन दिनो उल्टी, दस्त, बुखार जैसी बीमारियां ज्यादा पनप रही हैं। झोलाछाप इन मर्जों का इलाज ग्लूकोज की बोतलें लगाने से शुरू करते हैं। एक बोतल चढ़ाने के लिए इनकी फीस 100 से 200 रुपए तक होती है।

स्वास्थ्य विभाग नहीं करता कार्रवाई

झोलाछाप डॉक्टरों की वजह से अब तक कई लोगों की असमय जान चली गई है। मुख्यालय पर , नगर स्थित प्राइवेट क्लीनिक पर एक की मौत हो चुकी है। लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने स्थाई तौर पर झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं की। करीब एक वर्ष दिन पूर्व चौरई शहर में एक दुकान विभाग द्वारा सील की गई थीं। ग्रामीण क्षेत्र में एक बार भी प्रशासन की कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं और प्रशासन दूर से ही इन्हें देख रहा है।

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