समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने 2100 परिवारों को दिलाई मुस्कान
16 वर्षों की नि:स्वार्थ सेवा से रचा मानवता का प्रेरक इतिहास
Chhindwara 06 January 2026
छिंदवाड़ा यशो:- जब भी समाज सेवा, मानवता और नि:स्वार्थ समर्पण की बात होगी, तब छिंदवाड़ा के सुप्रसिद्ध समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया का नाम अग्रिम पंक्ति में लिया जाएगा।
उन्होंने सेवा की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने न केवल जिले को गौरवान्वित किया है, बल्कि सैकड़ों नहीं बल्कि 2100 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है।
2100 यूनिट नि:शुल्क रक्तदान : केवल आंकड़ा नहीं, जीवनदान
विगत 16 वर्षों के अथक परिश्रम, संघर्ष और सेवा भाव के परिणामस्वरूप रिंकू चौरसिया के माध्यम से 2100 यूनिट नि:शुल्क रक्तदान का ऐतिहासिक लक्ष्य सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ है।
यह आंकड़ा मात्र संख्या नहीं, बल्कि उन 2100 परिवारों की खुशियों का प्रतीक है, जिनके प्रियजनों को समय पर रक्त मिल सका और जीवन की डोर टूटने से बच गई।
दिन-रात सेवा, एक ही संकल्प
पिछले डेढ़ दशक से, दिन हो या रात, मौसम हो या परिस्थिति —
रिंकू चौरसिया हर उस पुकार पर खड़े मिले, जहाँ किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता थी।
“कोई भी जीवन रक्त के अभाव में न थमे”
इसी एक संकल्प को जीवन मंत्र बनाकर उन्होंने यह सेवा यात्रा तय की।
पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी भूमिका
समाज सेवा केवल रक्तदान तक सीमित नहीं रही—
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🌳 अब तक 9,500 से अधिक पौधों का रोपण
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पर्यावरण संरक्षण के प्रति सतत जागरूकता अभियान
निर्धनों के लिए संवेदना और संबल
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कड़ाके की ठंड में 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को कंबल वितरण
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असहाय और वंचित वर्ग के लिए निरंतर सहायता
गौ-सेवा और मानवता के प्रति सजगता
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जिला छिंदवाड़ा में दुर्घटनाग्रस्त व बीमार गौमाताओं की 24 घंटे सेवा
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बेटी बचाओ अभियान में सक्रिय सहभागिता
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पीड़ित मानवता की सेवा के साथ-साथ
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समाज में हो रहे अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ सदैव मुखर
युवाओं के लिए प्रेरणा
रिंकू रितेश चौरसिया की यह सेवा यात्रा यह साबित करती है कि
एक व्यक्ति भी संकल्प कर ले, तो समाज में बड़ा परिवर्तन संभव है।
उनका जीवन आज सेवा, संवेदना और सामाजिक जागरूकता का प्रेरक उदाहरण बन चुका है।



