वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, IFS के 28 अधिकारियों के तबादले
सिवनी–पेंच टाइगर रिजर्व पर सबसे अधिक असर, उप संचालक बदले
सिवनी | विशेष संवाददाता
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश शासन के वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल द्वारा 07 जनवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार भारतीय वन सेवा (IFS) के कुल 28 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है।
यह सभी स्थानांतरण प्रशासकीय आधार पर तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक लागू किए गए हैं।
इस व्यापक तबादला सूची का सीधा और महत्वपूर्ण असर सिवनी जिले तथा
पेंच टाइगर रिजर्व पर पड़ा है, जहां नेतृत्व स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है।
पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी में नेतृत्व परिवर्तन
आदेश के अनुसार पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी में उप संचालक के पद पर पदस्थ
रजनीश सिंह को हटाकर पुनित गोयल (IFS) को नया उप संचालक नियुक्त किया गया है।
श्री गोयल इससे पूर्व कान्हा टाइगर रिजर्व, मंडला में उप निदेशक के रूप में
कार्यरत थे।
रजनीश सिंह के कार्यकाल पर उठते रहे सवाल
सिवनी स्थित पेंच टाइगर रिजर्व में रजनीश सिंह का कार्यकाल विवादों और असंतोष से अछूता नहीं रहा।
स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगते रहे कि
मानव–वन्यजीव संघर्ष,
अवैध गतिविधियों की रोकथाम और
मैदानी नियंत्रण जैसे अहम मामलों में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए।
इसके विपरीत विभागीय आयोजनों,
प्रस्तुतियों और
प्रचारात्मक गतिविधियों के ज़रिये
वाहवाही बटोरने में चतुराई अधिक देखने को मिली।
कई गंभीर मामलों में प्रशासनिक सख्ती नहीं होने से
वन अमले और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी भी बनी रही।
सिवनी को मिला एक और अहम अधिकारी
इसी स्थानांतरण आदेश के तहत
श्री अब्दुल अलीम अंसारी को
वनमण्डलाधिकारी, कार्य आयोजना इकाई, सिवनी नियुक्त किया गया है।
यह पदस्थापना सिवनी जिले में
वन प्रबंधन योजनाओं और दीर्घकालीन संरक्षण रणनीति
को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
28 अधिकारियों के तबादलों से पूरे प्रदेश में हलचल
IFS के 28 अधिकारियों के इस स्थानांतरण आदेश के तहत
पेंच, कान्हा, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के साथ-साथ
जबलपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल, दिंडोरी, कटनी, नर्मदापुरम सहित
कई वन मंडलों में नेतृत्व और जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
शासन का यह कदम वन संरक्षण,
प्रशासनिक कसावट और जवाबदेही
बढ़ाने की मंशा के रूप में देखा जा रहा है।
बदलाव या सिर्फ औपचारिकता?
सिवनी और पेंच टाइगर रिजर्व के संदर्भ में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि-
क्या यह स्थानांतरण वास्तविक सुधार लाएगा
या फिर केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगा।
नए उप संचालक से अपेक्षा है कि वे
प्रचार से आगे बढ़कर जमीनी परिणाम दिखाएंगे।
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