प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता की मांग पर राज्य शिक्षक संघ का प्रदेशव्यापी आंदोलन
ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त करने सहित दो सूत्रीय मांगों को लेकर 21 दिसंबर को सिवनी में धरना
Seoni 20 December 2025
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्ष 1995 से 2006 के बीच विभिन्न नामों—जैसे शिक्षाकर्मी, गुरुजी, संविदा शिक्षक—से शिक्षकों की नियुक्तियाँ की गईं। वर्ष 2007 में इन सभी को एकीकृत करते हुए अध्यापक संवर्ग में संविलियन किया गया।
राज्य शिक्षक संघ मध्यप्रदेश एवं
अन्य संगठनों के निरंतर संघर्ष के परिणामस्वरूप वर्ष 2018 में प्रदेश सरकार ने अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों को शासकीय कर्मचारी घोषित करते हुए उन्हें-
राज्य शिक्षा सेवा में नियुक्त किया।
हालांकि, इस प्रक्रिया में पूर्व सेवाकाल को शून्य मान लिए जाने से शिक्षकों की कुल सेवा अवधि घट गई, जिससे पेंशन,
ग्रेज्यूटी एवं सेवानिवृत्ति लाभों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
इसके चलते शिक्षकों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इसी के साथ,
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा ई-अटेंडेंस को लेकर अनावश्यक दबाव बनाए जाने से शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
राज्य शिक्षक संघ के जिला सचिव राकेश दुबे ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि,
राज्य शिक्षक संघ मप्र के प्रांतीय आह्वान पर—
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प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता बहाल करने
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ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त करने
जैसी प्रमुख मांगों को लेकर 21 दिसंबर 2025 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आंदोलन किया जाएगा।
इसी क्रम में सिवनी जिला मुख्यालय पर अम्बेडकर चौक में एक दिवसीय धरना आयोजित किया जाएगा,
जिसके पश्चात मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री, मप्र शासन के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
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