मध्यप्रदेशसिवनी

सुभद्रा स्मृति समारोह सानंद संपन्न

सुभद्रा जी की कविता सुनकर महात्मा गांधी भी रो पड़े थे

Seoni 18 February 2026
सिवनी यशो:-कलबोड़ी, 16 फरवरी: महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं प्रख्यात कवियित्री सुभद्रा कुमारी चौहान का स्मृति समारोह आज सुभद्रा स्मारक, कलबोड़ी में धूमधाम से संपन्न हुआ। मुख्य अतिथियों ने स्मारक एवं छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

सांस्कृतिक एवं नृत्य प्रस्तुतियां

समारोह में प्राथमिक शाला कलबोड़ी और प्राथमिक शाला बिहीरिया के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
प्राथमिक शाला चारगांव से आई दो छात्राओं ने मनमोहक गोंडी नृत्य प्रस्तुत किया।

सुभद्रा कुमारी चौहान स्मृति समारोह में कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम
कलबोड़ी में आयोजित सुभद्रा कुमारी चौहान स्मृति समारोह में छात्र-छात्राओं और कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

मुख्य अतिथि के विचार

मुख्य अतिथि स्वामी बलवंत आनंद महाराज ने कहा कि सुभद्रा कुमारी चौहान बहुत ही उच्च कोटि की रचनाकार थीं। उनकी कविताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में नई ऊर्जा भरी।
उन्होंने बताया कि 1938 में त्रिपुरा कांग्रेस अधिवेशन में जब सुभद्रा जी ने कविता “लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी” पढ़ी, तो महात्मा गांधी जी की आंखों से आंसू छलक पड़े थे।
स्वामी जी ने सभी साहित्यकारों से विचार की संपदा बचाने का आह्वान किया।

सुभद्रा स्मृति मंच और आयोजक

मोहन सिंह चंदेल ने स्मारक स्थापना से लेकर आज तक की घटनाओं की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुभद्रा जी की स्मृति को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे भी सभी उपस्थित जनमानस से सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया।

कवि सम्मेलन: रचनाओं की प्रस्तुति

  • डॉ. अवनीश पाठक: वीर रस आधारित कविता “झांसी की रानी” पर
  • श्रीमती अंबिका शर्मा: “अनुरक्ति में विरक्ति का ज्ञान…”
  • राजेंद्र तिवारी प्रेम पुजारी: स्थानीय भाषा में हास्य रचना
  • श्रीमती कुसमिरा सिंहमारे: “सर्द भी है यह रात…”
  • विनोद सनोदिया अंजान: किसानों एवं ग्रामीण जीवन पर कविता
  • जगदीश तपिश: प्राकृतिक एवं जीवन संवेदनाओं पर कविता
  • सुरेंद्र सिसोदिया अनुज: रोजगार और देशभक्ति पर कविता
  • भारत बटोही: “मैं गीत लिखना चाहूं पर भाव नहीं मिलते…”
  • रमेश श्रीवास्तव चातक: “नौजवान के सीने में इंकलाब पलते हैं…”

सफल संचालन और उपस्थित गणमान्य लोग

कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेंद्र सिसोदिया अनुज ने किया, और आभार प्रदर्शन श्याम सिंह माली उर्फ गुल्लू बाबा ने किया।
कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर ग्रामीण जन, साहित्यकार, शिक्षक और विभिन्न संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सुभद्रा कुमारी चौहान की स्मृति को जीवित रखना और उनके काव्य योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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