Seoni 20 July 2025
सिवनी यशो:- भैरोगंज परतापुर रोड स्थित माँ आदिशक्ति ज्वालादेवी सिद्ध पीठ अब सिवनी जिले में भक्ति, सेवा और सामाजिक जागरूकता का एक प्रतीक बन चुका है। पिछले 98 सप्ताहों से प्रत्येक शनिवार को यहाँ श्रद्धालुओं द्वारा सस्वर सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ का अनवरत आयोजन हो रहा है, जो केवल धार्मिक अनुष्ठान न होकर जनजागरण और आत्मिक उन्नयन का माध्यम बन गया है।
भक्ति के साथ बन रहा संस्कार और अनुशासन का केन्द्र
इस मंदिर में श्रद्धालु सिर्फ आराधना नहीं करते, वे यहाँ मानसिक शांति, आत्मिक जागरूकता और जीवन अनुशासन की शिक्षा भी ग्रहण करते हैं। विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं के बीच बढ़ रहे नशे के आकर्षण के प्रति व्यापक जागरूकता का कार्यक्रम तैयार किया गया है और नशे से दूरी है जरूरी पहल को जन जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया । मोबाईल के अत्यधिक उपयोग से दूरी बनाना, मन की एकाग्रता, समय का सदुपयोग जैसे विषयों पर लगातार चर्चा की जाती है।

हनुमान जी की उपासना से युवा वर्ग का झुकाव आध्यात्मिकता की ओर बढ़ा है, जो समाज के लिए सकारात्मक संकेत है। मातृशक्ति, बुजुर्ग और युवा— सभी वर्गों की भागीदारी ने इस आयोजन को एक सामाजिक और सांस्कृतिक आंदोलन में बदल दिया है।
वर्षा ऋतु के आगमन पर विशेष सतर्कता संदेश
98 वें सप्ताह के आयोजन में उपस्थित श्रद्धालुओं को वर्षा ऋतु में खानपान, सफाई, और मौसम से जुड़ी सावधानियों के प्रति भी जागरूक किया गया। यह दिखाता है कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, सामाजिक चेतना का केंद्र भी बन चुका है।
भक्ति के साथ सामाजिक संवाद
मंदिर समिति द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस बार भी आने वाले शनिवारों को विशेष आयोजनों की योजना बनाई गई है। भजन, आरती के साथ-साथ समसामयिक विषयों पर जागरूकता चर्चाएं भी इस आयोजन का हिस्सा हैं।
मंदिर समिति के शुभम राजपूत ने जानकारी दी कि “सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा की नियमितता और युवाओं की सहभागिता इस आयोजन को नई ऊंचाइयों तक पहुँचा रही है।” पड़ोसी जिलों और अन्य राज्यों के भक्त भी इस आयोजन से जुडऩे लगे हैं।
शनिवार को 98 वें आयोजन के गुप्त यजमान रहे जहाँ उन्होंने माँ ज्वालादेवी का पूजन-अर्चन किया और महाभोग अर्पित किया। आयोजन के अंत में महाप्रसाद और भंडारे का वितरण किया गया।
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100 वें सप्ताह की तैयारी शुरू
अब श्रद्धालु और मंदिर समिति आगामी 100 वें सप्ताह के विशेष आयोजन की तैयारी में जुट गई है। समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि आगामी आयोजनों में भी अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनें और इस भक्तिमय श्रृंखला को और मजबूत करें।



