Thu, 22 Oct 2026 | 11:32:29 PM
Dainik Yashonnati
Breaking News Exclusive
डीपीएस छिंदवाड़ा के क्रिकेटर अथर्व मराठा का राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन टीवी पर होगा ‘धुरंधर’ का प्रीमियर, 10 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंचने की उम्मीद पशुपालन अधिकारी जीएस पक्षवार 20 साल से छिंदवाड़ा में पदस्थ ग्रामीणों का विरोध, दुकान बंद कर चले गए सेल्समैन पलारी अस्पताल से डॉक्टर बाबू चौहान की वापसी का आदेश, जनता में आक्रोश प्रतिबंधित कार्बाइन गन और कार्बाइड उपकरणों के क्रय-विक्रय व उपयोग पर रोक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई लोहे के विद्युत पोल चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, 45 लाख का माल जब्त चीचबंद जलाशय से एथेनॉल कंपनी को पानी देने पर रोक लगाने विधायक ने कलेक्टर को लिखा पत्र सिवनी जिला पंचायत में कांग्रेस का सियासी दांव फेल, अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरा बीना में ₹50 हजार करोड़ की पेट्रोकेमिकल परियोजना से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव डीपीएस छिंदवाड़ा के क्रिकेटर अथर्व मराठा का राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन टीवी पर होगा ‘धुरंधर’ का प्रीमियर, 10 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंचने की उम्मीद पशुपालन अधिकारी जीएस पक्षवार 20 साल से छिंदवाड़ा में पदस्थ ग्रामीणों का विरोध, दुकान बंद कर चले गए सेल्समैन पलारी अस्पताल से डॉक्टर बाबू चौहान की वापसी का आदेश, जनता में आक्रोश प्रतिबंधित कार्बाइन गन और कार्बाइड उपकरणों के क्रय-विक्रय व उपयोग पर रोक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई लोहे के विद्युत पोल चोरी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार, 45 लाख का माल जब्त चीचबंद जलाशय से एथेनॉल कंपनी को पानी देने पर रोक लगाने विधायक ने कलेक्टर को लिखा पत्र सिवनी जिला पंचायत में कांग्रेस का सियासी दांव फेल, अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरा बीना में ₹50 हजार करोड़ की पेट्रोकेमिकल परियोजना से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

“मिट्टी की प्रतिमा है शास्त्रसम्मत” – मातृशक्ति संगठन का पर्यावरण बचाने का आह्वान

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Aug 23, 2025 08:22 pm / Post views : 423

“मिट्टी की प्रतिमा है शास्त्रसम्मत” – मातृशक्ति संगठन का पर्यावरण बचाने का आह्वान
शेयर करें:

Seoni 23 August 2025

सिवनी यशो:- धार्मिक उत्सवों में गरिमा और विधिविधान से पूजन करने की परंपरा का विशेष महत्व है।

लेकिन आधुनिक और डिजिटल युग में पारंपरिक त्यौहार धीरे-धीरे अपनी धार्मिक महत्ता खोते जा रहे हैं।

यह भी पढ़े :- कलेक्टर सुश्री जैन ने मिट्टी का बाघ बनाकर “बाघदेव अभियान का किया शुभारंभ

इसी मुद्दे पर मातृशक्ति संगठन ने इस वर्ष भी समाज को सजग करते हुए संदेश दिया है कि त्यौहार न केवल श्रद्धा से बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखकर मनाए जाएं।

संगठन का कहना है कि केवल पौधारोपण कर देना ही पर्यावरण को सुरक्षित नहीं कर सकता।

जब तक पॉलीथिन और थर्माकोल जैसे हानिकारक पदार्थों का उपयोग बंद नहीं होगा, तब तक पर्यावरण संरक्षण अधूरा रहेगा।

गणेश प्रतिमा निर्माण पर चिंता

संगठन ने बताया कि गणेश उत्सव, जिसे देशभर में लगभग 128 सालों से मनाया जा रहा है,

प्रारंभ में मिट्टी से निर्मित प्रतिमाओं के साथ होता था।

लेकिन आजकल इनकी जगह प्लास्टर ऑफ पेरिस और सिंथेटिक रंगों से बनी प्रतिमाएँ स्थापित की जा रही हैं।

इन रंगों के पानी में न घुलने से न केवल जल प्रदूषण फैलता है, बल्कि नदियों और तालाबों में

विसर्जन के बाद जलीय जीव-जंतुओं की जान को खतरा होने के साथ-साथ जल स्रोतों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।

शास्त्रसम्मत परंपरा का महत्व

संगठन का मानना है कि सनातन धर्म में शास्त्रों के अनुसार पूजन हेतु मिट्टी की प्रतिमा ही सर्वोत्तम मानी जाती है।

जैसे शिव अभिषेक के लिए मिट्टी का शिवलिंग बनाया जाता है,

उसी तरह गणेश प्रतिमा भी नदी तट की मिट्टी से बनाने पर शुभ फल और मनोवांछित लाभ प्राप्त होता है।

विसर्जन की गरिमा बनाए रखने की अपील

संगठन ने यह भी कहा कि कुछ वर्षों से मूर्ति विसर्जन उत्सव डीजे की धुन, शराब और फूहड़ नृत्य में बदल गया है, जो पूरी तरह गलत है।

इसलिए समिति ने गणेशोत्सव समितियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि मूर्ति विसर्जन मुहूर्त अनुसार, एक ही दिन में, पारंपरिक तरीके से किया जाए।

संगठन का संदेश साफ है – “हमारी संस्कृति की सुरक्षा और सम्मान हमारे अपने हाथों में है।”

Live

लाइव क्रिकेट Score

Live

दैनिक राशिफल Daily

ज्योतिष