Seoni 18 July 2025
सिवनी यशो:- पर्यावरण संरक्षण को रचनात्मक रूप देने की दिशा में पेंच टाइगर रिजर्व ने एक अद्वितीय पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए 3R सूत्र – रिड्यूस, रियूज़ और रिसायकल – से प्रेरित होकर पेंच रिजर्व में लोहे के स्क्रैप से एक विशाल बाघ प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्क्रैप बाघ मूर्ति बनने की ओर अग्रसर है।
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उप संचालक पेंच टाइगर रिजर्व ने जानकारी दी कि इस कलाकृति का निर्माण मिशन लाइफ के अंतर्गत जनवरी माह में प्रारंभ किया गया था। इसमें अनुपयोगी लोहे की सामग्रियों जैसे पुरानी साइकिलें, पाइप, जंग लगी चादरें और अन्य विविध स्क्रैप मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है। यह बाघ प्रतिमा अब लगभग अपनी पूर्णता की ओर है।
इस अनोखी कलाकृति की प्रेरणा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तुत मेक इन इंडिया के प्रतीक – लोहे के स्क्रैप से बने सिंह की प्रतिमा – से ली गई है, जिसने वैश्विक स्तर पर भारत की नवाचारशील सोच को प्रस्तुत किया था। उसी तर्ज पर पेंच में बन रही यह बाघ प्रतिमा न केवल पर्यावरण जागरूकता का प्रतीक बनेगी, बल्कि स्क्रैप से उपयोगी और भव्य निर्माण की मिसाल भी पेश करेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड रिकॉर्ड एकेडमी के अनुसार अब तक विश्व की सबसे बड़ी बाघ प्रतिमा अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में स्थित है, जिसकी ऊंचाई 8 फीट और लंबाई 14 फीट है। इसके मुकाबले, पेंच टाइगर रिजर्व में बन रही बाघ मूर्ति 16 फीट से अधिक ऊंची और 36 फीट से भी अधिक लंबी होगी, जो इस क्षेत्र को विश्व रिकॉर्ड दिला सकती है।
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यह बाघ प्रतिमा पर्यटकों के आकर्षण का नया केंद्र बनने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जनजागरूकता का भी प्रतीक बनेगी। आने वाले समय में इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।



