
मंडला यशो:- कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला क्षेत्र के कोर जोन के अंतर्गत भैसानघाट परीक्षेत्र के खमोडी दादर बीट कक्ष क्रमांक 240 में वन कर्मचारियों को गश्त के दौरान मृत वन्य प्राणी का सड़ा गला शव दिखाई दिया। परीक्षण के बाद पाया गया की यह शव बाघ का है और यहां शव तकरीबन 8 से 10 दिन पुराना है साथ ही साथ यह पूरी तरह से सड़ चुका है ।
शव मिलने के बाद कर्मचारियों द्वारा इसकी जानकारी कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक एवं उप संचालक को दी गई। जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआइना किया। टाइगर के शव की स्थिति से यह बताया गया कि यह 8 से 10 दिन पुराना है तथा किसी अन्य जंतु द्वारा इस शव को खाया गया है। घटना क्षेत्र के आसपास हड्डियां मिली है जिन्हें एकत्र किया गया है शुरुआती परीक्षण से यह भी ज्ञात हुआ है कि टाइगर की अनुमानित आयु 18 से 24 माह की है। सोमवार को मृत टाइगर के शव को परीक्षण के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली के प्रोटोकॉल के अनुसार कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ संदीप अग्रवाल एवं एनटीसीए की प्रतिनिधि प्रिया वारेकर , क्षेत्र संचालक कान्हा टाइगर रिजर्व एसके सिंह एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में शव का परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद टाइगर के आवश्यक अवयव को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजकर संपूर्ण शव को वहीं जलाकर नष्ट किया गया। हालांकि टाइगर की मृत्यु का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पिछले कुछ सालों में कान्हा टाइगर रिजर्व से टाइगरों की मृत्यु संख्या में वृद्धि हुई है जो की चिंतनीय है ।



