भूख के कारण बाघ शावक की मौत, प्रबंधन ने शव परीक्षण के लिये भेजा जबलपुर
सिवनी यशो:- आज दिनांक 17.11.2024 को समय लगभग सुबह 09.45 गश्ती के दौरान मगरकठा बीट वनकक्ष क्रमांक आर एफ 188 स्थान गेडीघाट क्षेत्र में एक बाघ शावक का शव पाया गया। शावक की आयु लगभग 4 माह थी। शावक की मृत्यु लगभग 8 से 10 घंटे पूर्व होना प्रतीत हो रही थी। शावक का पेट पिचका हुआ था एवं वह पिछले कुछ दिनों से भूखा था। शावक के लगभग 10 मीटर दूरी पर ही गाय का गारा था तथा विगत दिवस कार्य पर लगाए गए कैमरा ट्रैप में एक बाघिन एवं उसके दो शावकों की फोटो आई थी।
घटनास्थल का क्षेत्र संचालक, पेंच टाइगर रिजर्व, उप संचालक, पेंच टाइगर रिजर्व (Pench Tiger Reserve), वरिष्ठ वन्यप्राणी चिकित्सक (Senior Wildlife Veterinarian) के साथ श्वान दल एवं अन्य कर्मचारियों ने अत्यंत सूक्ष्म निरीक्षण किया एवं किसी भी प्रकार के अपराध होने के कोई साक्ष्य नहीं पाए। प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो रहा है कि इस बाघ शावक को कमजोर होने के कारण छोड़ दिया होगा। वरिष्ठ वन्यप्राणी चिकित्सक डॉक्टरअखिलेश मिश्रा ने बताया कि बाघों एवं अन्य बड़ी बिल्लियों में यह सामान्य व्यवहार है जब वह किसी शावक को कमजोर पाते हैं तो अन्य शावक को स्वस्थ रखने के लिए एवं उनका भरण पोषण ज्यादा अच्छे से करने की दृष्टि से कमजोर शावक को अकेला छोड़ देते हैं।
खाली पेट होने के सिवाय मृत शावक में कोई और चिह्न नहीं पाए गए थे अत: अन्य सूक्ष्म परीक्षण एवं पोस्टमार्टम के लिए शावक के शव को प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (वन्यजीव)/ मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक से अनुमति प्राप्त कर शव को आईस बाक्स में रखकर नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर भेजा गया।




