सात फेरे लिए, घड़ी देखी और पहुँच गई परीक्षा देने — शिक्षा के प्रति दुल्हन वसुधा का अद्भुत समर्पण
Chhindwara, 09 June 2025
सौसर यशो:- जब जुनून हो कुछ कर दिखाने का, तो कोई भी रस्म, कोई भी परंपरा राह में रुकावट नहीं बनती। ऐसी ही मिसाल पेश की सौसर की नवविवाहिता वसुधा पालीवाल ने, जिन्होंने विवाह के तुरंत बाद बीएड की परीक्षा देने का निर्णय लेकर सबको चौंका दिया और शिक्षा के प्रति अपनी अटूट निष्ठा का परिचय दिया।
लाल जोड़े में दुल्हन की तरह सजी, हाथों में मेंहदी की खुशबू, माथे पर सिंदूर और गले में मंगलसूत्र — यह वसुधा का पारंपरिक नवविवाहिता रूप था। लेकिन जिस बात ने सबका ध्यान खींचा, वह थी उनकी कलम थामे परीक्षा केंद्र में उपस्थिति। सात फेरे लेकर शादी की सभी रस्में पूरी करने के बाद वसुधा ने समय की नजाकत को समझते हुए सीधे अपने पति ऋषभ पालीवाल के साथ शासकीय महाविद्यालय, सौसर पहुँचना बेहतर समझा — जहाँ उनका बीएड का पेपर था।
परीक्षा केंद्र में मौजूद छात्रों और शिक्षकों के लिए यह दृश्य एक अनोखा अनुभव था। एक नवविवाहिता, जो आमतौर पर इस समय विदाई की भावुक घड़ी से गुजरती है, वहाँ वसुधा आत्मविश्वास के साथ उत्तर पुस्तिका में भविष्य के सपनों की रेखाएँ खींच रही थीं।
वसुधा का यह कदम आज की युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है कि जीवन के बड़े फैसलों के बीच भी अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में दृढ़ निश्चय हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।



