भाजपा में नया अध्यक्ष कौन? मध्यप्रदेश में तेज़ हुआ मंथन
हेमंत खंडेलवाल दौड़ में सबसे आगे, लेकिन अन्य वर्गों को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता
Bhopal 30 June 2025
भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर संगठनात्मक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आगामी भोपाल दौरे (1 या 2 जुलाई) से यह प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकती है। भाजपा क्या करने वाली है यह भाजपा के दिग्गज नेताओं को पता नहीं होता अनेक बार भाजपा के निर्णय चौकाने वाले रहे है फिर भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चयन को लेकर कायास लगाये जा रहे उनमें सामान्य वर्ग या अनुसूचित जनजाति वर्ग के साथ प्रदेश के किसी कद्दावर नेता को प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देने की संभावाना जतायी जा रही है ।
सामाजिक संतुलन की कसौटी पर संगठन
राज्य में फिलहाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ओबीसी वर्ग से हैं और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं।
ऐसे में संगठन में सामाजिक संतुलन बनाए रखने की दृष्टि से सामान्य वर्ग या अनुसूचित जनजाति वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने की संभावना अधिक मानी जा रही है। इसी क्रम में हेमंत खंडेलवाल के नामों को खास तवज्जो मिल रही है।
बैतूल से मिल सकता है नया अध्यक्ष
एक खास संयोग यह भी है कि जिन दो नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा है — हेमंत खंडेलवाल और दुर्गादास उइके — दोनों की राजनीतिक कर्मभूमि बैतूल है। हेमंत खंडेलवाल, बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद हैं तथा दुर्गादास उइके, बैतूल से ही सांसद और केंद्र में राज्य मंत्री हैं। हेमंत खंडेलवाल को भाजपा की मातृ संस्था और सांगठनिक ढांचे की पहली पसंद भी माना जा रहा है। एक वरिष्ठ नेता के अनुसार,”खंडेलवाल एक शांत, समर्पित और कार्यकर्ता-केंद्रित नेता हैं। उनके पास संगठन और विधायिका दोनों का अनुभव है।”
अन्य वर्गों की भूमिका बनी हुई है प्रासंगिक
भाजपा की नीति समावेशी नेतृत्व की रही है। ऐसे में अन्य वर्गों से भी कुछ नाम चर्चा में बने हुए हैं: – अनुसूचित जनजाति वगर्: दुर्गादास उइके, गजेन्द्र पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते, अनुसूचित जाति वगर्: लाल सिंह आर्य, प्रदीप लारिया, हिला वगर्: अर्चना चिटनीस, कविता पाटीदार, सावित्री ठाकुर, हालांकि इन वर्गों से अध्यक्ष बनने की संभावना अपेक्षाकृत कम है, फिर भी सामाजिक समीकरणों को देखते हुए इन्हें पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।



