संगठन के आव्हान पर द केरल स्टोरी फि़ल्म देखने पहुंची बेटियों पर संगठन ने की फूलों की बरसात..
सिवनी 12 मई 2023
सिवनी यशो:- किसी बेटी का जीवन बर्बाद न हो पाए यही हमारी कामना है। ये हमारे देश का दुर्भाग्य है कि देश हित में बढ़ते हर नेक कदमों पर राजनीति होती है। किंतु इस दूषित मानसिकता से दूर मातृ शक्ति संगठन ने सिवनी शहर के सभी वर्ग की बेटियों को फ्री में द केरला फाइल्स दिखाने का संकल्प लिया । हमारे घर की बच्चियों का जीवन गलत हाथों में पड़ कर आंसुओं की दुख भरी कहानी न बन जाए। देश में कुछ ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास किया जा रहा है , जिससे हमारी बेटियों का भविष्य अंधकारमय मय हो सकता है ।हम समय पर ना जागे अपनी मासूम बेटियों को न समझाया , तो न जाने कितनी बेटियां इस नर्क की आग में झुलस जाएंगी । यह केवल एक राज्य की समस्या नहीं है बल्कि हर घर यह आग निश्चित रूप से पहुंचेगी । अब सचेत होने का समय आ गया है । अगर हम और हमारी बेटियां सचेत न हुए , तो भयानक मंजर सामने आएगा। मासूम बेटियों को बरगला कर , बहला फुसला कर धर्मांतरण ,और फिर दिल दहलाने वाला अत्याचार आए दिन की घटनाएं हैं।
मातृशक्ति संगठन ने बेटियों को फ्री में द केरला फाइल्स फिल्म दिखाया और गलत रास्ते में जाने का क्या नतीजा हो सकता है इस डरावनी सच्चाई से रूबरू कराया। संगठन अध्यक्ष श्रीमती सीमा चौहान ने कहा कि हमारा देश रानी पद्मिनी ,हाड़ा रानी और महारानी लक्ष्मीबाई , दुर्गावती जैसी वीरांगनाओं का देश है । लेकिन आज हमारी बेटियां अपने सनातन संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से दूर हो रही हैं । जिसका परिणाम खुल्लेआम दिखाई देने लगा है। संगठन ने मातापिता से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को अपने घर के रीति रिवाज संस्कारों से जोड़े रखें । अपने तेजस्वी पराक्रमी महापुरुषों की कहानियां सुनाएं । हमने विश्व गुरु भारत की महान भूमि में जन्म लिया हमसे कोई ऐसा काम न हो जाए जिससे हमारे मां बाप को शर्म से मुंह छिपाना पड़े । पैसा कमाने की होड़ में हम असली पूंजी जिगर के टुकड़ों को खो रहे हैं। फि़ल्म देखने के बाद बेटियों ने अपने अपने विचार साझा किए एवं संगठन की पहल को धन्यवाद दिया।यह दौर कठिन जरूर है , लेकिन हम सब एकजुट होकर समझदारी, होशियारी से हालात का मुकाबला करेंगे और विजयी होंगे ।
अंत में बेटीयों को अपने संस्कारों को फलीभूत करने की शपथ दिलाई गई राष्ट्रीय गान के बाद भारत माता की जय के जयकारों के साथ बेटियां अपने घरों के लिए रवाना की गई।






