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परिवार और समाज की खुशी के लिये कार्य करना चाहिये – निर्विकल्प जी

भगवान राम की बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया सीता कथा के दौरान

सिवनी 26 मई 2023
सिवनी यशो:- प्रात:काल उठकर माता-पिता-गुरु को प्रणाम करने से आयु, विद्या, यश और बल की वृद्धि होती है। उक्ताशय की बात ब्रह्मचारी निर्विकल्प स्वरूप जी ने हथनापुर ढाना में चल रही सीता कथा के दौरान प्रवचन में कही, कथा में आज माता सीता के जन्म की कथा का वर्णन करते हुये जन्मोत्सव मनाया गया कथा स्थल को भव्य रूप से सुसज्जित किया गया, कथा मे ब्रह्मचारी ने भगवान् राम की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि- भगवान् का जन्म विप्र, धेनु, सुर और संतों की रक्षा के लिए होता है, लोकमंगल के लिये होता । भगवान कुछ बड़े हुए फिर गुरुकुल पढऩे के लिए गए और वहाँ अल्प काल में ही सारे वेद शास्त्र का अध्यायन कर लिये । सारे भाईयों के साथ भगवान् भोजन करते थे,भगवान् अपने माता, पिता की आज्ञा का पालन करते थे, जिस से नगर वासी प्रसन्न हों वही-वही काम करते। ये सब लीलाओं से हमें शिक्षा मिलती है, हमको भी ऐंसा करना चाहिए, अपने भाईयों के साथ माता पिता के साथ के साथ बैठकर भोजन करना चाहिए, उससे प्रेम बढ़ता है, बड़े, बूढों का संग करना चाहिये । जो श्रेष्ठ हों उससे शिक्षा लेना चाहिये, ओर शिक्षा लेकर छोटों को सिखाना चाहिये, अपने परिवार को भी सुखी करना चाहिये । इतना ही नहीं भगवान् प्रात: काल उठकर माता-पिता और गुरु को प्रणाम करते थे, तो हमें भी प्रात:काल उठकर माता, पिता ओर गुरु को प्रणाम करना चाहिए अपने से बड़ों को प्रणाम करने से चार चीजें बढ़ती हैं । आयु, विद्या, यश और बल बढ़ता है जिसको आयु, विद्या, यश और बल बढऩा हो वो माता-पिता और गुरु को प्रात: काल उठकर प्रणाम करे ।

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