मध्यप्रदेशसिवनी

नेशनल लोक अदालत में 1177 प्रकरणों का निराकरण : 4,30,72,670 से अधिक के अवार्ड पारित

Seoni 09 March 2025
सिवनी यशो:- मुख्य न्यायाधीपति मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिवनी के तत्वावधान में 08 मार्च को नेशनल लोक अदालत का जिले में आयोजन किया गया। मुख्य न्यायधिपति म.प्र. उच्च न्यायालय द्वारा नेशनल लोक अदालत का वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से ई-शुभारंभ किया गया। ई-शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सतीश चन्द्र राय की अध्यक्षता में जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष रवि कुमार गोल्हानी,प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमती मनीषा बसेर, विशेष न्यायाधीश (एंट्रोसिटी) गालिब रसूल, द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती प्रेमा साहू, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश लक्ष्मण कुमार वर्मा, चतुर्थ जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिवनी, जयदीप सिंह सोनबर्से, तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलवीर सिंह धाकड़, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती कला भम्मरकर, जिला रजिस्ट्रार/न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्री विक्रम सिंह डावर,सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रवि नायक, अन्य न्यायाधीशगण, जिला विधिक सहायता अधिकारी राजेश सक्सेना, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री नवीन पटेल उपस्थित रहे। साथ ही उक्त ई-शुभारंभ कार्यक्रम का अवलोकन समस्त तहसील समितियों के न्यायाधीशगणों द्वारा भी किया गया।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में प्रकरणों के निराकरण में विशेष प्रयास करने एवं नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने का आहवान किया। प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा नेशनल लोक अदालत आयोजन स्थल एवं पीठों का निरीक्षण भी किया। उक्त नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला मुख्यालय की भांति तहसील विधिक सेवा समितियों लखनादौन, घंसौर एवं केवलारी में भी न्यायाधीशगणों एवं अधिवक्तागणों की उपस्थिति में किया गया।

नेशनल लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य दाण्डिक, सिविल, चैक अनादरण, वाहन दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा, वैवाहिक मामलें, विद्युत के लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति एवं राजीनामा के आधार पर निराकरण किया गया साथ ही बैंक ऋण वसूली, बी.एस.एन.एल. की बकाया वसूली से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।

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नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु कुल 22 खंडपीठों का गठन किया गया। उक्त 22 खंडपीठों में कुल समझौता योग्य आपराधिक 981 प्रकरण रखे गये, जिनमें 182 प्रकरण निराकृत किये गये। धारा 138 चैक बाउन्स के 229 प्रकरण रखे गये, जिनमें 57 प्रकरण निराकृत किये गये, 13210366 रूपये की समझौता राशि का आदेश पारित हुआ। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के 244 प्रकरण रखें गये जिनमें 21 प्रकरण निराकृत हुए एवं रूपये राशि 11500000 का अवार्ड पारित किया गया। अन्य सिविल प्रकरण 184 रखें गये, जिनमें 07 प्रकरणों का निराकरण किया गया, 3556000 रूपये की समझौता राशि का आदेश पारित हुआ। विद्युत अधिनियम के 110 प्रकरण रखें गये, जिनमें 72 प्रकरण निराकृत हुए एवं 819109 रूपये समझौता राशि का आदेश पारित किया गया। पारिवारिक विवाद से संबंधित 344 प्रकरण रखें गये थे, जिनमें 24 प्रकरण निराकृत हुए। उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण मामलों के 12 रखे गये प्रकरणों में से 07 प्रकरण निराकृत हुये एवं 357838 रूपये राशि का अवार्ड पारित किया गया एवं अन्य मामलों के रखे गये 31 प्रकरण में से 17 प्रकरण का निराकरण किया गया।

इसी प्रकार पूर्व वाद प्रकरणों में बैंक वसूली के 2642 प्रकरण रखें गये, जिनमें 67 प्रकरणों में आपसी समझौतें से 8409000 रूपये की राशि का वसूली आदेश पारित किया गया, विद्युत अधिनियम के पूर्व वाद प्रकरण 4050 रखें गये जिनमें 322 प्रकरण निराकृत हुए एवं 2586000 रूपये की समझौता राशि का आदेश पारित हुआ। नगरपालिका से संबंधित जलकर के 802 प्रकरण रखें गये, जिनमें 400 प्रकरण निराकृत हुए एवं 1769599 रूपये की जलकर की राशि वसूल की गई । इसके अतिरिक्त अन्य प्रिलिटिगेशन के 605 प्रकरण रखे गये जिसमें 08 प्रकरण निराकृत हुये एवं 154427 रूपये की वसूली राशि के आदेश पारित किये गये।
विशेष प्रयास
उक्त लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमती मनीषा बसेर की खडपीठ में कुल 13 प्रकरणों को राजीनामा व सुलह समझाईश के माध्यम से निराकृत किया गया जिसमें से 05 पारिवारिक प्रकरणों में दंपत्तियों को एक साथ रहने को रजामंद कर उनकी सुखद घर वापसी करवाई गई। उक्त दंपत्तियों को माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश महोदय द्वारा फलदार पौधे आर्शीवाद स्वरूप प्रदान किया गया।

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