क्राइमसिवनी

दो मासूमों की निर्मम हत्या: रिश्तेदार ने साइकिल दिलाने का बहाना कर जंगल में ले जाकर चाकू से रेत दिए गले

दो मासूमों की निर्मम हत्या: रिश्तेदार ने साइकिल दिलाने का बहाना कर जंगल में ले जाकर चाकू से रेत दिए गले

सिवनी, 17 जुलाई

सिवनी यशो – जिले में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां दो मासूम भाइयों का अपहरण कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह जघन्य अपराध किसी और ने नहीं, बल्कि बच्चों के ही करीबी रिश्तेदार ने किया। घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक और आक्रोश में डाल दिया है।

क्या है मामला

16 जुलाई को सिवनी नगर के सुभाष वार्ड निवासी श्रीमती पूजा ढाकरिया ने अपने 6 वर्षीय पुत्र दिव्यांश और 9 वर्षीय पुत्र मयंक के लापता होने की सूचना कोतवाली थाने में दी। शिकायत के अनुसार, दोनों बच्चे 15 जुलाई की शाम करीब 5 बजे घर से अचानक गायब हो गए थे। पुलिस ने तत्परता से मामला दर्ज कर खोजबीन शुरू की।

साजिश की परतें खुलीं

जांच के दौरान मुखबिर की सूचना पर पता चला कि एक ऑटो चालक ने दोनों बच्चों को एक व्यक्ति के साथ ऑटो में जाते देखा था। ऑटो ड्राइवर ने बच्चों की पहचान की और बताया कि उन्होंने उस व्यक्ति को “मौसा” कहकर संबोधित किया था।

प्रार्थिया द्वारा शक जाहिर किए जाने पर पुलिस ने उसकी बहन के पति भोजराम बेलवंशी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में भोजराम ने स्वीकार किया कि वह दिव्यांश और मयंक को साइकिल दिलाने के बहाने अपने साथी शुभम उर्फ यश जावरे के साथ अम्बामाई के जंगल में ले गया था। रात करीब 8:30 बजे दोनों मासूमों की धारदार चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई और शवों को नाली में छिपा दिया गया।

हत्या का कारण: एकतरफा लगाव और विकृत मानसिकता

आरोपी भोजराम का पीड़िता पूजा से एकतरफा लगाव था और वह बार-बार उसके घर आता था। बच्चों की उपस्थिति उसकी मंशा में बाधा बन रही थी। इसी कारण उसने इस वीभत्स हत्या की साजिश रची। पूर्व में भी आरोपी ने पीड़िता को बच्चों को उठा लेने की धमकी दी थी।

गिरफ्तार आरोपी

  1. भोजराम बेलवंशी पिता रामसेवक बेलवंशी, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम ढारिया, थाना छपारा।

  2. शुभम उर्फ यश जावरे पिता महेश जावरे, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम कारीरात, थाना लखनवाड़ा।

साक्ष्य और जब्ती

पुलिस ने घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। आगे की विवेचना जारी है।

पुलिस की तत्परता सराहनीय

इस जघन्य कांड के पर्दाफाश में नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा पांडे के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सराहनीय कार्य किया। टीम में निरीक्षक किशोर वामनकर, उनि सतीश तिवारी, आशीष खोब्रागड़े, साइबर सेल की भूमिका में देवेन्द्र जैसवाल सहित अनेक अधिकारियों-कर्मचारियों ने 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर समाज में पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता का परिचय दिया।

विशेष टिप्पणी:
यह मामला न केवल पुलिस सतर्कता का उदाहरण है, बल्कि सामाजिक चेतना के लिए भी एक चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी रिश्ते पर आँख मूंदकर भरोसा न किया जाए। समाज को ऐसे अपराधियों के खिलाफ एकजुट होना होगा।

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