धर्मविचार

good morning thoughts : निराशा :शैतान का सबसे कारगर औजार

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शैतान ने एक बार सारी दुनिया के लोगों को खबर की कि मुझे कुछ चीजें नीलाम करनी है। ऑक्शन करना है। अब शैतान की चीजों को लेने के लिए दुनिया में जिनके पास भी सामर्थ्य थी, वे सभी पहुंच गए। क्योंकि एक से एक बढ़िया चीजें होंगी। भगवान के पास तो कुछ बढ़िया चीजें होती नहीं। प्रार्थना होती है, ध्यान होता है, शांति होती है। शैतान के पास न मालूम क्या-क्या तरकीबें हो? क्या-क्या खूबियां हों? सारे लोग शैतान के ऑक्शन में पहुंच गए। उसने कई चीजों पर… सब चीजों पर दाम लगा कर रख छोड़े थे जिनका नीलाम होना था उसमें बेईमानी थी, उसमें हिंसा थी, उसमें झूठ था, उसमें क्रूरता थी, उसमें सब चीजें थीं। सबके दाम थे। सब चीजें आदमियों की हैसियत के भीतर थीं। उन्होंने उनको धीरे-धीरे… सभी चीजें बिक गईं। सिर्फ एक चीज निराशा, वह बहुत ज्यादा दाम लगा रखे थे उस पर। वह उसको खरीदने की सामर्थ्य किसी के भी भीतर नहीं थी। लोगों ने उस शैतान से कहा कि निराशा के इतने दाम लगा रखे हैं? एक से एक बढ़िया चीजें हिंसा, कठोरता, दुष्टता, सब सस्ते में बेच दी आपने, निराशा के इतने दाम क्यों लगा रखे हैं?

शैतान ने कहा कि मेरी और कोई चीज असफल हो जाए, निराशा कभी असफल नहीं होती। जिस आदमी को मुझे परमात्मा की तरफ जाने से रोकना होता है, उसको मैं निराशा पिला देता हूं। और सब चीजें असफल हो जाती हैं- कठोर आदमी नम्र बन जाता है; हिंसक आदमी अहिंसक हो जाता है, झूठ बोलने वाला सच बोलने लगता है। और सब तरकीबें गलत साबित हो जाती हैं, लेकिन निराशा मेरी कभी गलत साबित नहीं होती। क्योंकि निराश आदमी कुछ होने का खयाल ही छोड़ देता है। हिंसक को हमेशा लगता रहता है, मैं अहिंसक हो जाऊं। बेईमान को लगता है, मैं ईमानदार हो जाऊं। लेकिन निराश का मतलब ही यह है. कि जिसको यह लगता है कि अब मैं कुछ भी नहीं हो सकता हूं। तो निराशा सबसे अदभुत चीज है मेरे पास, इसको मैं सस्ते में नहीं बेच सकता।

सब चीजें बिक गईं, निराशा नहीं बिक सकी, वह शैतान के पास अभी भी है। और अभी भी वह एक ही तरकीब से सारी मनुष्य-जाति को आगे बढ़ने से हमेशा रोकता रहता है। बस एक ही दवा उसके पास रह गई है। सब दवाएं आदमियों ने खरीद लीं। और हिंदुस्तान के आदमियों ने काफी चीजें खरीद ली। एक दवा उसके पास रह गई है, निराशा की। और अगर मनुष्य जाति को कोई चीज रोकेगी आगे बढ़ने से, तो वह सिर्फ निराशा है और कुछ भी नहीं।
संकलन
अनुराग अग्रवाल
Astrologer, Numerologist & Vastu Expert
जय श्रीकृष्ण

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