धर्मविचारसिवनी

good morning thoughts : गैर जरूरी कृत्य

    ग़ैर ज़रूरी कृत्यों के लिए हमारे पास समय की कमी नहीं , हाँ जो जीवन के लिए अत्यंत ज़रूरी कृत्य है, उनके लिए समय का अत्यंत अभाव है। उदाहरणार्थ , वैवाहिक कार्यक्रम में , जो ग़ैर ज़रूरी कृत्य है, उन पर अत्याधिक समय व सामर्थ्य  व्यय होता है। सारा समय बैण्ड बाजे व दिखावे में व्यय होता, और जब असली कृत्य यानि संस्कार का समय आता है,तो सब पुरोहित से कहते है, जल्दी करो, जल्दी करो, कितनी देर कर दी।
good morning thoughts : गैर जरूरी कृत्य - Seoni News
   और जब शराब पी जा रही थी, और बैण्ड बाजा बजा कर अनावश्यक रूप से अत्यंत शोर शराबा कर ऊधम मचाया जा रहा था, भौंडा नाच किया जा रहा था, जन-सामान्य के लिए अनावश्यक रूप से आवागमन में परेशानी पैदा की जा रही थी,तब देर नहीं हुई थी।अब जबकि वैवाहिक संस्कार का समय है, तो देर हो रही है। ये हमारे जीने का ढंग है। जब हमारे वैवाहिक संस्कार इस प्रकार सम्पादित होंगे , तो सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि हमारा वैवाहिक जीवन कैसा होगा?

Dainikyashonnati

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