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शफीक खान को नपा अध्यक्ष के पद से हटाने की लिखी जा चुकी है इबारत
15 नवंबर तक हो जायेगा फैसला, अगला अध्यक्ष भाजपा से होगा या फिर कांग्रेस मारेगी बाजी
सिवनी यशो:- राजनीति कब कहाँ किस दिशा में मुड़ जाये कहा नहीं जा सकता राजनीति का क्षेत्र अनिश्चित्ता वाला होता है । सिवनी नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद के लिये दो वर्ष पूर्व हुये निर्वाचन में शफीक खान अध्यक्ष पद के लिये अप्रत्याशित तौर पर निर्वाचित हुये थे उनके अध्यक्ष बनने की दूर दूर तक कोई संभावना नहीं थी परंतु भाजपाईयों से मिले संबल ने शफीक खान को इतना अधिक मजबूत कर दिया कि शफीक खान को कांग्रेस ने न चाहते हुये भी अध्यक्ष पद के लिये भारी गहमागमी के बाद अंतिम क्षणों में प्रत्याशी बना दिया परंतु शफीक खान को जिन कांग्रेसियों ने अध्यक्ष बनाने के लिये पूरी ताकत लगा दी थी वह ताकत विधानसभा चुनाव के बाद दो धड़ो बंट गयी और एक शक्तिशाली वह कांग्रेस का खेमा अब भाजपा में शामिल हो गया और उस खेमे का भाजपा में आने के पश्चात एक ही मिशन बन गया है कि शफीक खान को नगर पालिका अध्यक्ष के पद से हटना ।
नगर पालिका अध्यक्ष शफीक खान के विरोध में अप्रत्यक्ष रूप से मोर्चा खोलने वाले भाजपा में शामिल हुआ कांग्रेस के पार्षद और नेताओं ने सक्रियता से जो मिशन चलाया है उसके परिणाम भी सामने दिखाई दे रहे है और नपा अध्यक्ष शफीक खान सहित नपा के जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी हो चुके है । जारी हुये नोटिस के अनुसार नपा अध्यक्ष पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगे है और यह आरोप किसी सामान्य व्यक्ति द्वारा नहीं लगाये गये है । शिकायतकत्र्ताओं की शिकायत के आधार पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग एवं नगरीय प्रशासन के अधिकारियों द्वारा भोपाल एवं जबलपुर से पहुँच कर सूक्ष्मता से कई दिनों तक जाँच के बाद प्राप्त तथ्यों के आधार पर प्रमाणिकता के साथ लगाये गये है । अध्यक्ष श्री खान पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का जबाव नगरीय एवं आवास विभाग के उपायुक्त ने 01 अक्टूबर को जारी नोटिस के अनुसार 15 दिवस की समय सीमा में देने का उल्लेख किया था परंतु अध्यक्ष द्वारा जबाव के लिये कुछ और समय मांगा गया है ।
हमारे विश्वसनीय सूत्र इस बात का दावा कर रहे है कि नपा अध्यक्ष शफीक खान से जवाब लेना महज प्रक्रिया का एक हिस्सा है भ्रष्टाचार के जो प्रमाणिकता से गंभीर आरोप लगे है वह आरोप अध्यक्ष को पदच्युत करने के लिये पर्याप्त है और शफीक खान को नपा अध्यक्ष के पद से 15 नवंबर तक हटाने की पूरी इबारत लिखी जा चुकी है ।
शफीक खान को नपा अध्यक्ष पद से हटाने के लिये चल रही कार्यवाही के साथ ही भाजपाई खेमा अपना अध्यक्ष नगर पालिका में बैठाने के लिये सक्रिय हो गया है हालांकि की भाजपा के पार्षदों की संख्या वर्तमान समय में बहुमत में है । अब केवल अध्यक्ष पद के लिये भाजपा की ओर से प्रत्याशी होगा कौन यह सवाल प्रमुखता में है । भाजपा के ही पार्षद एक दूसरे के प्रति विरोध का भाव प्रगट कर रहे है और इस स्थिती से निपटना भाजपा के लिये बहुत मुश्किल नहीं परंतु कठिन अवश्य है । भाजपा की ओर से ज्ञानचंद सनोडिया का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है और भाजपा जिलाध्यक्ष की पहली पसंद भी है परंतु भाजपाई पार्षद इनके नाम पर एक मत हो जाये यह कठिन है भाजपा की ओर से दूसरा नाम राजेश राजू यादव का भी सामने आ रहा है परंतु राजेश राजू यादव को ज्ञानचंद सनोडिया के समर्थक पार्षद साथ नहीं देंगे इसके अलावा एक और नाम जो सुनाई दे रहा है वह श्रीमती अनुसुईया अनिल पटवा का है और इनकी ओर से पार्षदों तथा भाजपा नेताओं से अध्यक्ष बनने के लिये दावा भी प्रस्तुत किया जा रहा है ।
हालांकि शफीक खान अध्यक्ष पद से हटेंगे या राजनैतिक चातुर्य और कानूनी पहलू से अपना बचाव करने में सफल होंगे यह कहा नहीं जा सकता परंतु यदि अध्यक्ष पद से हट भी जाते है तो भी भाजपा यदि अपने खेमे को एकमत करने में सफल नहीं होगी तो फिर कांग्रेस का ही अध्यक्ष निर्वाचित हो जाये तो आश्चर्य नहीं होना चाहिये ।



