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68वीं राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता का हुआ समापन
बालक वर्ग में भोपाल तथा बालिका वर्ग में ग्वलियर रहा विजेता, हार से भी हमें सीखने का हुनर मिलता है: कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन
सिवनी 12 नवंबर 24
सिवनी यशो:- 68 वीं राज्यस्तरीय हॉकी प्रतियोगिता (68th state level hockey competition) में 19 वर्ष बालक-बालिका वर्ग में शामिल होने आयी सभी संभागों (divisions) की टीमों के खिलाडिय़ों (players) में विजेता, उपविजेता (winner, runner up) यहां से यादे लेकर जायेगें। खिलाड़ी के लिए यह मायने नही रखता की उन्हें रूकने के लिए अच्छी व्यवस्था मिली अथवा नही मिली, भोजन की व्यवस्था, आवागमन की व्यवस्था भी जरूरी नही क्योंकि जब हम कही बाहर जाते है तो हमें घर जैसी सुविधा नही मिलती और जब हमें यह सुविधा नही मिलती है तो हम कठिनाईयों में रहते हुए भी मनोबल के साथ कार्य करते हैं। जिससे हमें कुछ नया सीखने को मिलता है।
हॉकी मैच (hockey match) के दौरान जो विजयी हुए है और जो विजयी नही हुए है, उन दोनों ने मैच के दौरान इस बात का आकलन जरूर किया होगा की हमारी किस कमी के कारण हम सफल नही हो पाये और उस कमी को हमें दूर करने की आवश्यकता है। उक्त उद्गार राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता के समापन अवसर पर जिला कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन (District Collector Ms. Sanskriti Jain) ने व्यक्त किये।
आपने आगे कहा कि खेल में समय का विशेष महत्व है जो खिलाड़ी समय को नही समझता उसे निराशा मिलती है। जिस टीम में समय की समझ होती है, वह टीम सफलता के सौपानों को छूती है। जब हम टीम भावना (team spirit) से खेलते है, तो हमारी मेहनत महत्वपूर्ण होती है और इसमें टाईम की विशेष भूमिका होती है। आने वाली जिदंगी इस आयोजन से आपको आगे बढऩे का मौका देगी। मेरी और से आये सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाऐं है। कार्यक्रम की शुरूआत में सरस्वती वंदना म.ल.बा.शास.क.उ.मा.वि.सिवनी की छात्राओं द्वारा की गई। तत्पश्चात उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं के द्वारा भी गीत की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में खिलाडिय़ों के मार्चपास्ट उपरांत कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन द्वारा खिलाडिय़ों का परिचय लिया गया।
मेजर ध्यानचंद एस्ट्रोटर्फ सिंथेटिक हॉकी स्टेडियम सिवनी (Major Dhyan Chand Astroturf Synthetic Hockey Stadium Seoni) में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय हॉकी प्रतियोगिता में बालक वर्ग से फाइनल मैच भोपाल एवं शहडोल के मध्य खेला गया जिसमें विजेता भोपाल एवं उपविजेता शहडोल संभाग का रहा तथा तृतीय स्थान नर्मदापुरम का रहा। इसी प्रकार बालिका वर्ग में फाइनल मैच ग्वालियर एवं भोपाल के मध्य खेला गया जिसमें ग्वालियर विजेता एवं भोपाल उपविजेता रही तथा तृतीय स्थान पर उज्जैन रही। बालक वर्ग में मेन ऑफ दी मैच (man of the match) विवेक पाल फारवर्ड पोजिसन का रहा एवं बालिका वर्ग में मेल ऑफ दी सीरिज सानिया सईद ग्वालियर का रहा। प्रतियोगिता में सहभागिता करने आई सभी टीमों को मोमन्टो और प्रमाण पत्र देकर पुरूस्कृत किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक संचालक आर.आर.मेहता, आर.पी.पाटिल, एम.एस.सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी जस्सी थॉमस के साथ व्यायाम निर्देशक देवेन्द्र सिंह ठाकुर, अनिल सिंह राजपूत, मनीष मिश्रा, सेवानिवृत्त पीटीआई प्रदीप वर्मा, अश्विनी तिवारी, कैलाश चकोले, आशीष दीक्षित, प्रेम श्रीवास्तव, सुनील मर्सकोले, आर.जी.नामदेव, योगेश पाठक, कोमलनाश कश्यप, अरविन्द चंद्रवंशी, अनिल पाटिल, अनिल सिंह परमार, लक्ष्मण पटले, वीरेन्द्र नामदेव, मीनाक्षी मेश्राम, भावना गायकवाड़, जस्टिस नेटो, सीमा चौरसिया, निशि बघेल, नीलिमा राहंगडाले, मुस्तफिजल हसन, के.के.नामदेव, प्रकाश तिवारी, सुभाषराव सोनी, मुन्नालाल बघेल, रूपलाल सिंगरोरे कक्ष लिपिक अनुराग तिवारी, सहायक शैलेन्द्र साहू, केशव उसराठे, संजय उइके आदि का योगदान रहा। प्रतियोगिता में रफैरी की भूमिका में रहे असद खान, फैजल खान, मुकेश राठौर, आसिम खान, नरेन्द्र सेन, प्रहलाद राठौर, रशीद कुरैशी, जावेद खान आदि का सराहनीय योगदान रहा।





