छिंदवाड़ा से चल सकती है इतवारी – रीवा 11755 / 11756 ट्रेन
सौंसर के पास रेल पुल सुधारने में एक वर्ष लगेगा
Chhindwara 03 December 2024
छिंदवाड़ा यशो:- छिंदवाड़ा इतवारी रेल खण्ड मण्डारकुण्ड भिमालगोंदी स्टेशन के बीच ब्रिज क्रमांक 94 में दरार आने के कारण रीवा-ईतवारी नागपुर ट्रेन क्रमांक 11755/11756 रेल लगभग एक वर्ष तक बन्द रहेगी। यह रेल पश्चिम मध्य रेल्वे जबलपुर जोन के अन्तर्गत आती है। रेल्वे रेल जन सुविधाओं के लिए चलाती है।
पिछले माहों में दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे नागपुर बिलासपुर में सांसदों की बैठक हुई थी जिसमें छिंदवाड़ा के सांसद ने छिंदवाड़ा-नागपुर रेल लाईन के दोहरी करण की मांग की थी किन्तु रेल्वे ने जवाब दिया था दोहरी करण करने से रेल्वे को आर्थिक फायदा नहीं होगा, इसीलिए दोहरीकरण करना संभव नहीं है।
रेल्वे अधिकारियों का जवाब आश्चर्य जनक था, नागपुर-ईटारसी-जबलपुर की दूरी 544 किलो मीटर है, जबकि जबलपुर-नैनपुर-सिवनी छिंदवाड़ा-नागपुर की दूरी 400 कि.मी. है, याने जबलपुर से नागपुर जाने के लिए 144 कि.मी. की दूरी भी कम होगी।
144 कि.मी. रेलों को जाने में कम से कम 2-3 घंटे की बचत होगी, रेल्वे अधिकारियों को यह नहीं दिखता कि 144 कि.मी. की दूरी कम होने से रेल्वे को कितना फायदा होगा, रेल मंत्री इन अधिकारी को बताये कि 144 कि.मी. की दूरी कम करने में कितनी बचत एवं समय की बचत होगी।
इतवारी रीवा ट्रेन नागपुर मण्डल की नही है, इसीलिए ट्रेन नागपुर मण्डल को फिक्र नहीं है। यह ट्रेन छिंदवाड़ा से रीवा तक चल सकती है।
ट्रेन को छिंदवाड़ा से रीवा तक चलाने के लिए छिंदवाड़ा-बालाघाट एवं जबलपुर एवं रीवा के सांसदो को रेल्वे पर दबाव डालना होगा।
जब इतवारी -रीवा नहीं चल रही है तो निश्चित ही रैक खाली खड़े होगे, स्टाप को और कही लगाया होगा।
रैक खड़ा करने के लिए छिंदवाड़ा, लिंगा एवं उमरानाला में बहुत जगह है। जन प्रतिनिधी रेल मंत्री से या रेल्वे बोर्ड के अधिकारियों से मिले तो यह ट्रेन छिंदवाड़ा से प्रारम्भ हो सकती है। कटनी एवं मैहर के पैसेन्जर को फायदा मिलेगा। जन प्रतिनिधी वरिष्ठ अधिकारियों एवं रेल मंत्री से चर्चा करेंगे तो हल जरूर मिलेगा। इस ट्रेन को बनारस तक भी बढाया जा सकता है।



