108 कुंडीय राष्ट्र जागरण एवं शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ में 1100 से अधिक लोगों ने लिया गुरु दीक्षा का संकल्प
Seoni 23 December 24
सिवनी यशो:- बरघाट स्थित गायत्री परिवार ट्रस्ट (Gayatri Parivar Trust) द्वारा आयोजित विराट 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ (108 Kundiya Gayatri Mahayagya) के तृतीय दिवस पर शांतिकुंज, हरिद्वार (उत्तराखंड) {Shantikunj, Haridwar (Uttarakhand)} से पधारे मानशी टोली नायक श्री सुनील शर्मा जी ने विभिन्न संस्कार संपन्न कराए। उन्होंने यज्ञ की महत्ता और मानव जीवन में संस्कारों की आवश्यकता पर गहन प्रकाश डाला।
संस्कारों का महत्व समझाया
कार्यक्रम के दौरान पुंसवन संस्कार, नामकरण संस्कार, यज्ञोपवीत संस्कार सहित जन्म से लेकर मृत्यु तक के सभी सोलह संस्कारों की जानकारी दी गई। साथ ही, मुंडन, अन्नप्राशन, गुरु दीक्षा, नामकरण आदि संस्कारों को संपन्न कराया गया।
गायत्री मंत्र: सद्बुद्धि का मंत्र
श्री शर्मा जी ने कहा कि कलियुग में माँ गायत्री परम पूज्य गुरुदेव के रूप में अवतरित हुई हैं। गायत्री मंत्र मानव जीवन में सद्बुद्धि के विकास का मंत्र है, और सतयुग की वापसी के लिए सद्बुद्धि की अति आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में अखंड दीपक के अवतरण का शताब्दी वर्ष मनाया जाएगा, जिसके लिए समयदान और अंशदान की आवश्यकता है।
वृहद दीपयज्ञ का आयोजन
दोपहर 3 बजे से हुए संगीत प्रवचन के उपरांत 2100 दीपों के साथ विशाल दीपयज्ञ का आयोजन किया गया। यह दीपयज्ञ समाज में व्याप्त अंधकार को दूर कर एक नवयुग के सृजन का संकल्प सिद्ध करेगा।
कार्यक्रम की पूर्णाहुति और संकल्प
कार्यक्रम की पूर्णाहुति 25 दिसंबर 2024 को होगी। इस अवसर पर नशा उन्मूलन का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।
सतयुग की वापसी का शुभ संकेत
गायत्री परिवार के अनुसार, 2026 से सतयुग की वापसी का शुभारंभ होगा। समाज में सद्भावना और उज्जवल भविष्य के निर्माण हेतु यह यज्ञ ऐतिहासिक योगदान देगा।
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