धर्मसिवनी

प्रथम समाधि पुण्य स्मृति दिवस पर सिवनी जेन मंदिर में आचार्य श्री के चरण चिन्हों की हुई प्रतिष्ठा

भव्य शोभायात्रा में आकर्षण का केंद्र रहे अष्ट धातु से निर्मित आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के पूज्य चरणकमल

Seoni 18 february 2025

सिवनी यशोः- परमपूज्य संत शिरोमणी आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के सुशिष्य पूज्य निर्यापक श्रमण समतासागर जी महाराज के विगत दिसंबर माह में सिवनी प्रवास के दौरान दी गई प्रेरणा को शिरोधार्य करते हुए पूज्य आचार्य श्री जी के चरण चिन्हों की प्रतिष्ठा हेतु सिवनी जैन समाज के श्रद्धालु कृत संकल्पित हुए थे। तद अनुरूप अष्ट धातु से निर्मित कमलाकार आकर्षक आसन पर चरण युगल के उभार के साथ मयूर पिच्छिका एवं कमंडल के अंकन के साथ प्रशस्ति लेख उत्कीर्णित किए गए पूज्य आचार्य भगवंत के चरण युगल की प्रतिकृति के पुण्यार्जक बाझल परिवार के सदस्यों द्वारा पूज्य निर्यापक श्रमण समतासागर महाराज ससंघ सानिध्य में प्रतिष्ठित चरण चिन्ह समाधि स्थली चंद्रगिरी डोंगरगढ से सिवनी लाए गए।

प्रथम समाधि पुण्य स्मृति दिवस पर सिवनी जेन मंदिर में आचार्य श्री के चरण चिन्हों की हुई प्रतिष्ठा - Seoni News
प्रथम समाधि पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में प्रातः मंदिर जी में श्री जी का महाभिषेक आराधना गुरू पूजन कर आचार्य श्री के चित्र का अनावरण व दीप प्रज्जवलन किया गया। तद उपरांत काष्ठ रथ पर आचार्य श्री के चित्र एवं चरण चिन्हों के साथ भव्य शोभा यात्रा कतार बद्ध सुव्यवस्थित तरीके से निकाली गई। श्वेत गणवेश में महिला, पुरूष, बच्चों का समूह आचार्य श्री के गगनभेदी जयकारों के नाद के साथ एक बड़े समूह में निकले।
हाथ में पचरंगे ध्वज लिए बालक बालिकाओं का समूह एवं सुमधुर वाद्य यंत्रों के मध्य अश्वारोहियो का दल इस शोभायात्रा में आचार्य श्री के प्रति भक्ति भाव प्रगट करते हुए सम्मिलित हुए।
घरों घर रंगोली के सुंदर चौक पूर कर श्रद्धालुओं द्वारा चरण चिन्हों की आरती उतार कर भाव भीमा अभिनंदन किया गया। शोभायात्रा के समापन पर बड़े जैन मंदिर में बड़े बाबा जी के मंदिर में श्री चरणों का अभिषेक कर विधिवत विराजित किया गया।रात्रि में विनयांजलि व भजन संगीत का कार्यक्रम गांधी चौक शुक्रवारी बाजार में आयोजित किया गया है।

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