महाशिवरात्रि पर दिन भर शिवालयों में दर्शन करेंगे श्रद्धालु
प्रशासन ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
Chhindwara 25 February 2025
छिंदवाड़ा यशो:- महाशिवरात्रि पर सभी शिवालय में सुबह से ही भगवान शिव पूजन अर्चन एवं अभिषेक किया जायेगा, पातालेश्वर धाम में रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं का जाना प्रारम्भ हो जयेगा इसी तरह मोक्ष धाम में भी महाकाल मंदिर में अभिषेक होगा महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर शिवजी की बारात निकाली गई एवं लोगों ने त्रिशूल लेकर महादेव मेले में भी गये।
सांसद बंटी साहू ने रामेश्वर धाम तक पैदल त्रिशूल यात्रा की आज दिन भर शिवालय में भारी भीड़ रहेगी, जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया है। वहीं पातालेश्वर धाम में मेले का भी आयोजन किया गया है इस मंदिर में लगभग दिन भर में 1 लाख से ज्यादा लोग शिवजी के दर्शन करेंगे। पुलिस द्वारा आवागमन की व्यवस्था की गई है जिससे आवागमन सुगम होगा। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने भी पातालेश्वर धाम की व्यवस्था का जायजा लिया।
अमरवाड़ा के मंदिरों में भी रहेगी भारी भीड़
सतपुड़ा की वादियों में स्थित अमरवाड़ा आदिवासी बहुल क्षेत्र है क्षेत्रफल की दृष्टि से छिंदवाड़ा जिले की सबसे बड़ी विधानसभा अमरवाड़ा है अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में चारों और चमत्कारी सिद्ध मंदिर स्थित है
अभी श्रावण मास में अमरवाड़ा नगर की आस्था का केंद्र गरमेटा पर्वत शिव धाम मंदिर घर गरमेटा पर्वत पर स्थित है शिव धाम मंदिर के चारों ओर प्राकृतिक हरियाली और प्राकृतिक छटा मन को प्रफुल्लित कर देती है शाम का नजारा तो देखने लायक ही होता है
शिव धाम मंदिर पर दिन भर लोगों का आना जाना बना हुआ होता है अभी श्रावण मास पर विशेष पूजा अर्चना के साथ शिवलिंग का श्रृंगार किया जा रहा है विशेष पूजा अर्चना के साथ अभिषेक हो रहा है मंदिर के अंदर बनी आकर्षण आत्मक कलात्मक कलाकृति देखते ही बनती है दूर-दूर से लोग जब हाईवे रोड से निकलते हैं तो एक बार मंदिर जरूर आते हैं शिवरात्रि में यहां मेला लगता है शिव धाम मंदिर में प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग का विशेष श्रृंगार किया जाता है।
केदारनाथ से रामेश्वरम के बीच एक ही देशांतर 79 डिग्री पर स्थित है गरमेटा पर्वत शिव धाम मंदिर
गरमेटा पर्वत शिव धाम भारत में केदारनाथ से रामेश्वरम एक ही देशांतर 79 अक्षांश पर स्थित है अमरवाड़ा का चमत्कारी शिव धाम मंदिर गरमेटा पर्वत प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय मंदिरों और धर्म से जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों पर एक खोज हुई है जिसमें पता चला है खोज में यह साबित किया गया है कि भारतीय मंदिरों के बारे में धर्म शास्त्र में जो विवरण मिलता है वह मिथक नहीं विज्ञान सम्मत है इसका उदाहरण भगवान शिव के 8 प्रसिद्ध मंदिर है जिसका निर्माण कई शताब्दी पहले हुआ है सुदूर उत्तर से दक्षिण तक फैली यह सभी मंदिर 79 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित है यानी ईशान दिशा में इन सभी मंदिरों का निर्माण अलग-अलग राजाओं ने करवाया है उस समय से आज तक के जैसे जीपीएस सिस्टम भी नहीं था
बाल-भक्ति: नन्हे हाथों से गुल्लक में जमा किए मंदिर निर्माण के लिए पैसे




