Mon, 26 Oct 2026 | 10:19:26 PM
Dainik Yashonnati
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"बरघाट बना ठेकेदारों की जागीर -BJP समर्थक को ही मिल रही गालियाँ

"बरघाट बना ठेकेदारों की जागीर -BJP समर्थक को ही मिल रही गालियाँ
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शासन प्रशासन बना मूक गवाह!" मनरेगा को निगला मशीनी भ्रष्टाचार, पंचायतों से छीना हक, मजदूरों को किया बेघर!

Seoni 14 June 2025 सिवनी यशो:- बरघाट जनपद में ठेकेदारी के नाम पर मची लूट अब ग्राम निकाय के प्रतिनिधियों का अपमान, मजदूरों के पलायन और पंचायत अधिकारों की लाश तक पहुँच चुकी है। ठेकेदारों के इशारे पर पंचायतें नाच रही हैं और प्रशासन-सत्ता की सरपरस्ती में ठेकेदार खुलेआम गुंडा-राज चला रहे हैं।

पंचायत की ज़मीन पर ठेकेदारों का कब्ज़ा — सत्ता ने छीना ग्रामीणों का हक!

ग्राम पंचायतें जिन कार्यों की वैधानिक एजेंसी हैं — जैसे स्टॉप डेम, सड़क, बाउंड्रीवाल जैसे निर्माण — वे कार्य खुलेआम ठेकेदार कर रहे हैं। ये अधिकतर 25 लाख से कम लागत के काम होते हैं, जिनमें मनरेगा के अंतर्गत स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिलना चाहिए, लेकिन हकीकत यह है कि मशीनों से काम करवाकर मजदूरों को बेरोजगार और बेघर किया जा रहा है।

मशीनें खा गईं मजदूरी, फर्जी हाजिरी से मारा गरीब का हक!

मशीनें चलीं, फर्जी मस्टर रोल बना, और मजदूर हाथ पर हाथ धरे पलायन को मजबूर हो गए। यह सिर्फ लूट नहीं, संविधान और श्रमिक अधिकारों की हत्या है।

जातीय अपमान भी जुड़ा इस लूट में — BJP समर्थक वर्ग हो रहा अपमानित!

चौंकाने वाली बात यह है कि ग्राम निकायाओं में सत्ताधारी समर्थको का बाहुल्य है और जो हमेशा भारतीय जनता पार्टी की मजबूत समर्थक रहे है — उन्हें ही ठेकेदार द्वारा खुलेआम अपमानित किया जा रहा हैं। यह कैसा सत्ताधारी प्रेम है जो वोट के बाद अपमान में बदल गया? जनपद अध्यक्ष के पति का सोशल मीडिया में दर्द और उस पर प्रतिक्रियाएँ स्पष्ट करती है कि ठेकेदार से प्रताडि़त कौन है ।

जनप्रतिनिधियों की चुप्पी शर्मनाक, प्रशासनिक मिलीभगत से लुट रही पंचायतें

विधायक, सांसद सभी की चुप्पी इस बात की गवाही दे रही है कि ठेकेदार को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है। पंचायतें चाहें भी तो कार्य नहीं कर सकतीं, क्योंकि उन्हें डर दिखाकर, मानसिक रूप से प्रताडि़त कर कार्य ठेकेदार को सौंपने मजबूर किया जाता है।

वायरल वीडियो में ठेकेदार का सीधा धमकीभरा संवाद:

बरघाट जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में रिकॉर्ड एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें ठेकेदार एक व्यक्ति को पकड़कर खुलेआम धमकाता दिखाई दे रहा है। दैनिक यशोन्नति को प्राप्त इस वीडियो के अक्षरश: संवाद निम्नानुसार हैं:
*"तुम चाह क्या रहे हो...? किसी को पच्चीस - पचार हजार फायनेंश कर दूं... फिर तुम दोनों को मेडिकल कॉलेज में एडमिट करा दूँ...? मैं ऐसा भी करता हूँ। अकेला मेरा एक काम नहीं है, मैं सब तरह से काम करता हूँ... पहले तेल भी लगाता हूँ, प्यार से भी बात करता हूँ... नहीं तो मैं फिर शिव हूँ... मैं तीसरी आँख भी खोल देता हूँ... तुम मुझे मजबूर मत करो। तुम अपनी आईडी से मेरे खिलाफ नंगा नाच करवा रहे हो।"
[video width="352" height="640" mp4="https://dainikyashonnati.com/storage/2025/06/VID-20250614-WA1196.mp4"][/video]
जनता पूछ रही है — क्या ठेकेदार 'मुख्यमंत्री का प्रतिनिधि है जो इस पर कोई कार्यवाही नहीं होती?
क्यों विधायक मुँह छुपाए बैठे हैं?
क्यों प्रशासन जाँच से बच रहा है?
क्या अब ठेकेदार ही तय करेगा कि पंचायत में कौन क्या बोले?
प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर इस प्रकार की कार्यवाही करना चाहिये
ठेकेदार पर गुंडा एक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी जैसी कार्यवाही करना चाहिये
सीबीआई / ईओडब्ल्यू जांच से सभी कार्यों की गहन समीक्षा।
पंचायतों के वैधानिक अधिकार तत्काल बहाल हों।
मनरेगा अंतर्गत मशीनों के प्रयोग पर सख्त प्रतिबंध।
उसके शब्द सिर्फ धमकी नहीं, बल्कि इस बात का साफ इशारा हैं कि वह प्रशासन, राजनेताओं और अधिकारियों के संरक्षण में बेलगाम हो चुका है।

यह सोशल मीडिया पर लिख रहे है लोग

सवाल जनता का - क्या यह लोकतंत्र है या ठेकेदारशाही? "जिस कार्यकर्ता ने सरकार बनाई, आज वह  सरेआम ठेकेदार से गाली खा रही है।" "ग्राम पंचायतों का अधिकार छीना जा रहा है, और अधिकारी टेंडर से पहले दलाली तय कर रहे हैं।" "क्या यही है प्रधानमंत्री का 'सबका साथ, सबका विकास'?"

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