‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान को बूथ स्तर तक ले जाएगी कांग्रेस, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली
Seoni, 25 October 2026
सिवनी यशो:- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और प्रारूप-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला कांग्रेस का दावा है कि सिवनी जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में प्रारूप-7 के माध्यम से कुल 13,671 ऑफलाइन फॉर्म जमा कराकर विशेष समुदाय के मतदाताओं के नाम कटवाने का प्रयास किया गया। कांग्रेस के अनुसार, इस मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत कर संबंधित फॉर्म निरस्त कराने की मांग की गई थी। पार्टी ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से भी करते हुए दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी एवं पूर्व मंत्री विमल शाह, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी गुरमीत सिंह मंगू तथा जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नरेश मरावी ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर पार्टी का पक्ष रखा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पात्र मतदाताओं के मताधिकार की रक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
चार विधानसभा क्षेत्रों में 13,671 फॉर्म जमा होने का दावा
जिला कांग्रेस द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, सिवनी जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में प्रारूप-7 के कुल 13,671 ऑफलाइन फॉर्म जमा कराए जाने का दावा किया गया है। कांग्रेस ने इन फॉर्मों के माध्यम से विशेष समुदाय के मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस के अनुसार, विधानसभा क्षेत्रवार फॉर्मों की संख्या इस प्रकार है—
बरघाट: 3,453 फॉर्म
सिवनी: 6,235 फॉर्म
केवलारी: 2,125 फॉर्म
लखनादौन: 1,858 फॉर्म
कुल: 13,671 फॉर्म
जिला कांग्रेस का कहना है कि इस मामले को जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष उठाया गया और कथित रूप से फर्जी तरीके से जमा कराए गए फॉर्म-7 को निरस्त कराने की कार्रवाई की गई। पार्टी ने पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत कर मामले की जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया का इस्तेमाल किसी भी पात्र नागरिक के मताधिकार को प्रभावित करने के लिए नहीं होना चाहिए। हालांकि, फॉर्मों की वैधता, उन्हें जमा करने वालों की भूमिका और कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड एवं जांच से स्पष्ट होगी।
मतदाता सूचियों के आंकड़ों में अंतर पर उठाए सवाल
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूचियों में दर्ज मतदाताओं की संख्या के अंतर का मुद्दा भी उठाया। पार्टी के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा संबंधी सूची में मतदाताओं की संख्या 75,837 बताई गई, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में सिवनी नगरपालिका क्षेत्र के मतदाताओं की संख्या 80,875 दर्ज होने का दावा किया गया है।
कांग्रेस ने दोनों आंकड़ों के बीच 4,538 मतदाताओं के अंतर पर सवाल उठाते हुए इसे निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा विषय बताया। पार्टी का कहना है कि इस अंतर की वजह स्पष्ट होनी चाहिए और संबंधित सूचियों का मिलान कर स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए।
हालांकि, दोनों सूचियों के क्षेत्राधिकार, तैयार किए जाने की तारीख और संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का मिलान किए बिना इस अंतर को अपने आप में वोट चोरी का प्रमाण नहीं माना जा सकता। कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए विस्तृत जांच और स्पष्टीकरण की मांग की है।
SIR के आंकड़ों पर भी कांग्रेस ने जताई चिंता
कांग्रेस नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर भी सवाल उठाए। पत्रकार वार्ता में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पुनरीक्षण से पहले मतदाताओं की संख्या 5,74,06,143 थी, जबकि प्रारूप मतदाता सूची में यह संख्या घटकर 5,31,31,983 रह गई। अंतिम मतदाता सूची में 5,39,81,065 मतदाता दर्ज होने का उल्लेख किया गया।
प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पुनरीक्षण के दौरान 34,25,078 नाम हटाए जाने की जानकारी सामने आई, जबकि प्रारूप सूची से अंतिम सूची तक मतदाताओं की संख्या में 8,49,082 की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई।
अंतिम मतदाता सूची में 2,79,04,975 पुरुष, 2,60,75,186 महिला और 904 तृतीय लिंग के मतदाता दर्ज होने का उल्लेख किया गया। नाम हटाने के कारणों में अनुपस्थित मतदाता, मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता और दोहरी प्रविष्टियां जैसी श्रेणियां शामिल बताई गईं।
कांग्रेस का कहना है कि इन आंकड़ों के आधार पर पात्र मतदाताओं से जुड़ी शिकायतों की जांच, उनका समयबद्ध निराकरण और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली
कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान को देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाने की घोषणा की है। इसी क्रम में 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली आयोजित की जाएगी। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता, प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दों को इस रैली के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
अभियान के तहत प्रदेश, जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता बढ़ाने की योजना बनाई गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना चाहिए और मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायतों का निष्पक्ष निराकरण होना चाहिए।
जिला कांग्रेस की बैठक में दिल्ली रैली की तैयारियों पर चर्चा
पत्रकार वार्ता के बाद जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी तथा प्रभारीद्वय ने 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित महारैली के संबंध में संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, विधायकों, पूर्व विधायकों, विधानसभा प्रत्याशियों, पूर्व जिला अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों, मंडलम एवं सेक्टर अध्यक्षों तथा विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों के अध्यक्षों से दिल्ली पहुंचने की तैयारियों पर चर्चा की गई।
कांग्रेस नेतृत्व ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से जिम्मेदारी के साथ अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की। बैठक में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
जिला कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के माध्यम से मतदाता सूची की विश्वसनीयता, पात्र मतदाताओं के अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा।