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क्रोध से अनेक बीमारियां होती हैं : मुनि श्री भावसागर जी

रक्षाबंधन महोत्सव त्रिवसीय कार्यक्रम के साथ संपन्न होगा, मुनि श्री धर्मसागर जी का लगातार छठवां निर्जल उपवास

Seoni 03 Seoni 2025

सिवनी यशो:- श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर सिवनी में 3 अगस्त 2025 की प्रात: बेला में मांगलिक क्रियाओं के साथ परम पूज्य मुनि श्री धर्मसागर जी महाराज का लगातार छठवां निर्जल उपवास संपन्न हुआ।

मुनि श्री भावसागर जी ने क्रोध और क्षमा पर दिया प्रवचन सिवनी
क्रोध से अनेक बीमारियां होती हैं : मुनि श्री भावसागर जी

यह उपवास 28 जुलाई को आहार ग्रहण के बाद से लगभग 170 घंटे तक बिना भोजन और जल के रहा।

इस अवसर पर परम पूज्य मुनि श्री भावसागर जी महाराज एवं मुनि श्री धर्मसागर जी महाराज के सानिध्य में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए।

समिति ने बताया कि 7 से 9 अगस्त तक रक्षाबंधन महोत्सव त्रिवसीय कार्यक्रम के रूप में मनाया जाएगा।

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क्षमा है जीवन का सच्चा आभूषण

धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री भावसागर जी महाराज ने कहा कि क्षमा से बढ़कर संसार में कुछ भी नहीं है।

क्षमा और उदारता तभी सच्ची होती है जब उसमें स्वार्थ न हो। क्षमा न करने से व्यक्ति तनावग्रस्त हो जाता है जबकि क्षमा से मन हल्का और शांत हो जाता है।

उन्होंने कहा, “भारत वह देश है जिसने सदैव शत्रुओं की भूलों को भी क्षमा किया है। यहां युद्ध केवल मजबूरी में लड़े जाते हैं, शौक से नहीं।”

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क्रोध – रोगों की जड़

मुनि श्री भावसागर जी ने बताया कि क्रोध मनुष्य के शरीर में विषाक्त द्रव्यों का स्राव करता है, जो पूरे शरीर में फैलकर कई बीमारियों का कारण बनते हैं। क्रोध से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मानसिक तनाव बढ़ते हैं।
उन्होंने कहा –

“क्रोध को जीतने का उपाय क्षमा है, जिसकी कभी पराजय नहीं होती। क्षमा जीवन उत्थान का मार्ग, खुशहाली का खजाना, मोक्ष का द्वार और आत्मा का आनंद है।”

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