कांग्रेस ने नारेबाजी व उग्र प्रदर्शन कर भाजपा सरकार का जमकर बजाया “घंटा”
मानवीय मूल्यों के आधार पर नगरीय प्रशासन मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग
Chhindwara 04 January 2026
छिन्दवाड़ा यशो:- भाजपा सरकार के जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान की सच्चाई एक बार फिर जनता के सामने उजागर हो गई है। देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में दूषित पेयजल आपूर्ति से 15 निर्दोष नागरिकों की मौत ने भाजपा शासन की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता को बेनकाब कर दिया है।
इस गंभीर घटना के बाद भी प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री द्वारा न तो शोक व्यक्त किया गया और न ही अपनी नाकामी स्वीकार की गई, बल्कि अमर्यादित बयान देकर जनता की पीड़ा का मजाक उड़ाया गया। मंत्री की इसी असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी से आक्रोशित कांग्रेस ने छिन्दवाड़ा में जोरदार नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा सरकार का जमकर “घंटा” बजाया।
अंबेडकर तिराहे पर गूंजा आक्रोश
शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में अंबेडकर तिराहा पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि—
“15 मौतों के बाद भी मंत्री का मौन और अशोभनीय बयान इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार के लिए आम नागरिकों के जीवन का कोई मूल्य नहीं रह गया है।”
कांग्रेस ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की बदजुबानी की तीखी निंदा करते हुए चेतावनी दी कि –
यदि मंत्री अपनी भाषा और आचरण पर लगाम नहीं लगाएंगे,
तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर ऐसी बदजुबानी पर ताला जड़ने को मजबूर होगी।
दो साल पहले उजागर हो चुकी थी समस्या
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इंदौर में जहरीले पानी की आपूर्ति कोई अचानक हुई घटना नहीं है।
करीब दो वर्ष पूर्व ही दूषित जल की समस्या उजागर हो चुकी थी,
लेकिन भाजपा शासित नगर निगम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
कांग्रेस ने मांग की कि—
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दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर कठोर कार्रवाई की जाए
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नगरीय प्रशासन मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें
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भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु ठोस और कारगर व्यवस्था लागू की जाए
सांसद निवास तक नहीं पहुंच सका प्रदर्शन
पूर्व निर्धारित दूषित जल मौतों पर कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता सांसद के निवास के सामने ‘घंटा बजाओ’ आंदोलन करने जा रहे थे,
लेकिन प्रशासन की सख्ती के चलते पुलिस ने उन्हें सत्कार तिराहे पर ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शन को वहीं समाप्त करना पड़ा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रशासनिक रोक के बावजूद जनता के जीवन से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस का संघर्ष और तेज होगा।
बड़ी संख्या में कांग्रेसजन रहे उपस्थित
दूषित जल मौतों पर कांग्रेस के प्रदर्शन में गंगाप्रसाद तिवारी,
सुरेश कपाले,
धर्मेन्द्र सोनू मागो,
पप्पू यादव, किरण चौधरी,
मंजू बैस,
सरला सिसोदिया,
हंसा दाढ़े,
गुंजन शुक्ला,
दीपा यादव,
बृजेश टिंकू राय,
इब्नेहसन रिजवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





