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भाजपा शासित नगर परिषदों को संरक्षण, सिवनी में विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई: राजिक अकील के गंभीर आरोप

स्वास्थ्य सभापति राजिक अकील ने कहा – ईमानदार अधिकारी हटाए जा रहे हैं, भ्रष्टाचारियों को मिल रहा संरक्षण

Seoni 24 July 2025
सिवनी यशो:- राजिक अकील, स्वास्थ्य सभापति, नगरपालिका परिषद सिवनी ने प्रदेश सरकार और नगरीय प्रशासन विभाग पर भेदभावपूर्ण कार्यवाही करने का गंभीर आरोप लगाया है।

उनका कहना है कि भाजपा शासित नगर परिषदों में भ्रष्टाचार की शिकायतों को अनसुना किया जा रहा है, जबकि कांग्रेस नेतृत्व वाली परिषदों के जनप्रतिनिधियों को फर्जी शिकायतों के आधार पर हटाया जा रहा है।

छपारा व लखनादौन: शिकायतें हुईं नजरअंदाज़

राजिक अकील ने कहा कि छपारा और लखनादौन नगर परिषदों में भ्रष्टाचार की लिखित शिकायतें जिला प्रशासन और शासन को दी गईं, लेकिन वहाँ भाजपा के अध्यक्ष होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई।

सिवनी नगरपालिका में विपक्ष को निशाना

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शफीक खान को फर्जी और अप्रमाणित शिकायतों के आधार पर हटाया गया, जबकि

  • मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO)

  • उपयंत्री

  • लेखा, ऑडिट, परिषद और पीआईसी
    पर कोई जाँच या दंड नहीं हुआ।

“क्या एक अध्यक्ष ही हर भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार होता है? फ़ाइलें चार स्तर से गुजरती हैं, फिर अध्यक्ष तक पहुँचती हैं।” – राजिक अकील

छपारा में CMO को भ्रष्टाचार रोकने की सजा?

अकील ने बताया कि छपारा में CMO ने जब फर्जी बिलों पर भुगतान करने से मना किया, तो भाजपा पार्षदों ने मुख्यमंत्री से मिलकर उनका तबादला करा दिया।

सिवनी में 2 करोड़ के ठेके को लेकर दबाव

राजिक अकील का कहना है कि दलसागर तालाब में लाइट, फाउंटेन और साउंड सिस्टम जैसे करीब 2 करोड़ के अनुबंध का भुगतान रोकने पर वर्तमान CMO पर दबाव बनाया जा रहा है।
जबकि कार्य अभी अधूरा है और निविदा शर्तें पूरी नहीं हुईं।

राजनीतिक संरक्षण बनाम ईमानदारी

उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में जो अधिकारी भ्रष्टाचारियों से मेल नहीं खाते, उन्हें जल्द ही हटा दिया जाता है, जबकि “सहयोगी” अधिकारी वर्षों तक एक ही स्थान पर टिके रहते हैं।

राजिक अकील की स्पष्ट मांगें:

  1. भ्रष्टाचार की शिकायतों पर समान कार्रवाई हो – पार्टी देखकर नहीं

  2. सीएमओ, उपयंत्री और तकनीकी अमले की जिम्मेदारी तय की जाए

  3. ईमानदार अफसरों को सुरक्षा दी जाए, न कि दंड

  4. सभी नगर परिषदों में ऑडिट जाँच अनिवार्य हो

Dainikyashonnati

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