निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक: अब अभिभावकों को सामग्री खरीदने की आज़ादी
Seoni 05 April 2026
सिवनी यशो:- निजी स्कूलों द्वारा छात्रों और अभिभावकों को शिक्षण सामग्री किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य करने की प्रवृत्ति पर अब प्रशासन ने निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाकर सख्ती दिखाई है।
मध्यप्रदेश शासन के तहत लागू मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) नियम 2020 की कंडिका 6 के अनुसार, कोई भी निजी विद्यालय प्रबंधन विद्यार्थियों या अभिभावकों को पुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूते, टाई, कॉपी आदि किसी एक निर्धारित विक्रेता से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।
खुले बाजार से खरीद की पूरी छूट
नए निर्देशों के तहत अभिभावक अब अपनी सुविधा और बजट के अनुसार खुले बाजार से शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में पूर्व में भी निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब पुनः छात्रहित को ध्यान में रखते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
स्कूलों को क्या करना होगा?
- उपयोग में आने वाली शिक्षण सामग्री की सूची तैयार करना
- संबंधित विक्रेताओं की जानकारी सूचना पटल (Notice Board) पर प्रदर्शित करना
- यह जानकारी विभागीय Google Drive पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना
मॉनिटरिंग के लिए समिति गठित
निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर मॉनीटरिंग समिति का गठन किया गया है।
किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
व्यापारियों से भी अपील
जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के व्यापारी बंधुओं से भी अपील की है कि वे विद्यार्थियों और अभिभावकों को उचित दरों पर गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराएं, जिससे छात्रहित सुरक्षित रह सके।
प्रशासन के इस कदम से निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगेगा और अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा।


