“नाले पर कब्जे का आरोप, 30 साल पुराना सार्वजनिक मार्ग बना विवाद का कारण”
सिवनी की जयसवाल कॉलोनी में नाला निर्माण रुका, रहवासी आक्रोशित
रिपोर्ट – हरिओम सोनी
सिवनी, 15 अप्रैल 2026।
शहर के विवेकानंद वार्ड स्थित जयसवाल कॉलोनी में एक ज्वलंत जनसमस्या ने अब तूल पकड़ लिया है। करीब 30 वर्षों से उपयोग में आ रहा सार्वजनिक नाला आज विवादों में घिर गया है, जिससे कॉलोनीवासियों का जीवन संकट में पड़ गया है।

30 साल पुराना नाला, अब निजी जमीन का दावा
स्थानीय रहवासियों के अनुसार, उनके घरों के सामने करीब 4 फीट चौड़ा नाला नगर पालिका द्वारा वर्षों पहले जनहित में बनाया गया था। इस नाले से शहर के बड़े हिस्से का पानी निकलता है, खासकर बरसात के समय इसका महत्व और बढ़ जाता है।
लेकिन अब कुछ व्यक्तियों—आकाश जसवाल और मीना जसवाल—द्वारा इस भूमि को निजी संपत्ति बताते हुए निर्माण कार्य में बाधा डाली जा रही है, जिससे पूरा मामला विवाद में आ गया है।
15 दिनों से रुका निर्माण, जनता परेशान
नगर पालिका द्वारा नाला सुधार कार्य शुरू किया गया था, लेकिन पिछले 15 दिनों से काम पूरी तरह ठप पड़ा है।
- लोगों को आवागमन में भारी परेशानी
- बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए खतरा
- दुर्घटना और जनहानि की आशंका
कानून क्या कहता है?
- मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के तहत नगर पालिका को नाला निर्माण और रखरखाव का पूरा अधिकार है
- IPC धारा 186: सरकारी कार्य में बाधा अपराध
- IPC धारा 283: सार्वजनिक मार्ग में अवरोध दंडनीय
ऐसे में सार्वजनिक कार्य रोकना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
रहवासियों की मांग: तुरंत हो कार्रवाई
- कार्य में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो
- पुलिस की मदद से अवरोध हटाया जाए
- नाला निर्माण कार्य तत्काल पूरा कराया जाए
चेतावनी: हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
रहवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्य शुरू नहीं हुआ और कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन और बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों की होगी
जयसवाल कॉलोनी का यह मामला अब केवल एक नाले का नहीं, बल्कि जनसुरक्षा बनाम निजी दावे की बड़ी लड़ाई बन चुका है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी जल्दी और सख्ती से कार्रवाई करता है।
नोट – तात्कालिक रूप से प्राप्त जानकारी आधारित समाचार
“30 साल पुराना नाला बना विवाद का गड्ढा, जनता रोज झेल रही खतरा!”



