ट्विशा मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा हस्तक्षेप, CBI जांच से बढ़ी न्याय की उम्मीद
पूर्व सैनिकों के प्रदर्शन और परिजनों की गुहार के बीच मुख्यमंत्री ने दिखाई संवेदनशीलता, निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा

भोपाल यशो :- Mohan Yadav ने ट्विशा शर्मा मौत मामले में जिस संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ हस्तक्षेप किया है, उससे पीड़ित परिवार ही नहीं बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों में भी न्याय की उम्मीद मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री द्वारा मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सहमति दिए जाने के बाद यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिजनों से मुलाकात के दौरान उनकी पीड़ा को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर मामले को सीबीआई को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसे मुख्यमंत्री की त्वरित निर्णय क्षमता और संवेदनशील नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है।
इधर, ट्विशा को न्याय दिलाने की मांग अब व्यापक जनसमर्थन का रूप लेती दिखाई दे रही है। बुधवार को पूर्व सैनिकों और पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी सड़क पर उतरकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
वर्दी वेलफेयर सोसाइटी के नेतृत्व में शौर्य स्मारक से बाइक रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ट्विशा के परिवार के साथ न्याय होना चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि ट्विशा का भाई देश की सेवा में सेना में मेजर पद पर कार्यरत है और सेवा नियमों के कारण परिवार खुलकर संघर्ष नहीं कर पा रहा, इसलिए पूर्व सैनिक समाज उनके समर्थन में सामने आया है।
मामले में ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने भी कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई, एफआईआर में देरी और घटनाक्रम को लेकर अपनी आपत्तियाँ सार्वजनिक रूप से रखीं। वहीं दूसरी ओर ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने मीडिया के सामने अपने पक्ष में बयान देते हुए परिवार पर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया है।
इन तमाम आरोप-प्रत्यारोपों और बढ़ते सार्वजनिक दबाव के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सीबीआई जांच का निर्णय अब इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
प्रदेशभर में यह संदेश गया है कि राज्य सरकार इस मामले को केवल एक सामान्य प्रकरण के रूप में नहीं देख रही, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए गंभीरता से कदम उठा रही है।




