रीवा दुर्घटना की एसआईटी जांच और साधु-संत सुरक्षा नीति की मांग, सकल दिगम्बर जैन समाज ने निकाली मौन रैली
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, बिहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की मांग

रीवा जैन साध्वी दुर्घटना की एसआईटी जांच और संत सुरक्षा नीति की मांग, छपारा में जैन समाज की मौन रैली
Seoni 25 May 2026
छपारा (सिवनी) यशो:- रीवा में बिहाररत आर्यिका माताओं की वाहन दुर्घटना में हुई समाधि से आहत सकल दिगम्बर जैन समाज छपारा ने सोमवार को जन आक्रोश एवं विरोध स्वरूप मौन रैली निकालकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। समाज ने दुर्घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच, एसआईटी गठन तथा बिहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 20 मई को रीवा में बिहाररत जैन साध्वी परंपरा की पूज्य आर्यिकाश्री 105 श्रुतमती माताजी एवं आर्यिकाश्री 105 उपशममति माताजी वाहन दुर्घटना में समाधिस्थ हो गई थीं। इस घटना से देश-विदेश का जैन समाज गहरे शोक और आक्रोश में है।
जैन मंदिर से निकली मौन रैली
सोमवार सुबह लगभग 10 बजे नगर के मुख्य बाजार स्थित दिगम्बर जैन मंदिर से मौन रैली प्रारंभ हुई। रैली में शामिल समाजजन हाथों में बैनर और मांगों से संबंधित संदेश लेकर शांतिपूर्वक नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड परिसर पहुंचे।
रैली के दौरान श्रद्धालुओं ने दिवंगत आर्यिका माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
बस स्टैंड परिसर में जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार रामसेवक कौल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें की गईं—
- रीवा वाहन दुर्घटना प्रकरण की एसआईटी से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
- दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- बिहाररत जैन साधु-संतों एवं आर्यिकाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाया जाए।
- राष्ट्रीय स्तर पर “संत सुरक्षा नीति” लागू की जाए।
- धार्मिक यात्राओं एवं बिहार के दौरान साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
समाज में आक्रोश और वेदना
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जैन साधु-संत अहिंसा, संयम और तपस्या के मार्ग पर चलकर समाज को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
रीवा की घटना ने पूरे जैन समाज को झकझोर दिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।
बड़ी संख्या में शामिल हुए समाजजन
मौन रैली और ज्ञापन कार्यक्रम में सकल दिगम्बर जैन समाज छपारा के वरिष्ठजन, युवा, महिलाएं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
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