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बैनगंगा किनारे जैतपुर क्षेत्र में हरे वृक्षों की कटाई जारी

वन एवं राजस्व विभाग ने बताया—अनुमति नहीं, जांच के संकेत

जैतपुर में हरे पेड़ों की कटाई से हड़कंप – बैनगंगा किनारे जैतपुर क्षेत्र में हरे वृक्षों की कटाई, वन व राजस्व विभाग बोले—अनुमति नहीं, जांच के संकेत

Seoni | 03 June 2026
सिवनी यशो -जैतपुर कला क्षेत्र के अंतर्गत हिवरा, धतुरिया मार्ग और किसनपुर मार्ग पर बैनगंगा नदी के किनारे तथा किसनपुर क्षेत्र के आसपास स्थित नाले के समीप हरे-भरे वृक्षों की बड़े पैमाने पर कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर यह स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है कि कई स्थानों पर पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई की जा रही है।

जैतपुर क्षेत्र में बैनगंगा नदी किनारे हरे वृक्षों की अवैध कटाई का दृश्य, मौके पर कटे हुए पेड़ और प्रभावित हरित क्षेत्र
जैतपुर कला क्षेत्र में बैनगंगा नदी किनारे हरे वृक्षों की बड़े पैमाने पर कटाई का मामला सामने आया है, विभाग ने जांच के संकेत दिए हैं।

दैनिक यशोन्नति द्वारा जब इस मामले की पड़ताल की गई तो क्षेत्रीय वन विभाग के एसडीओ, संबंधित क्षेत्र के डिप्टी रेंजर एवं राजस्व विभाग के हल्का पटवारी से चर्चा में यह जानकारी सामने आई कि इस प्रकार की किसी भी पेड़ कटाई के लिए कोई आधिकारिक अनुमति जारी नहीं की गई है। दोनों विभागों ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।

ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जैतपुर कला से हिवरा, धतुरिया एवं किसनपुर मार्ग पर लंबे समय से यह गतिविधि चल रही है, जिससे नदी किनारे का हरित आवरण प्रभावित हो रहा है और पर्यावरणीय संतुलन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

जैतपुर क्षेत्र में बैनगंगा नदी किनारे हरे वृक्षों की अवैध कटाई का दृश्य, मौके पर कटे हुए पेड़ और प्रभावित हरित क्षेत्र
जैतपुर कला क्षेत्र में बैनगंगा नदी किनारे हरे वृक्षों की बड़े पैमाने पर कटाई का मामला सामने आया है, विभाग ने जांच के संकेत दिए हैं।

इधर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक ओर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को लेकर लगातार अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ दबंग एवं स्वार्थी तत्व खुलेआम हरे-भरे पेड़ों का कटान कर रहे हैं। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन की सतर्कता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

जानकारी के अनुसार बबूल और अर्जुन प्रजाति के लगभग तीन दर्जन से अधिक वृक्षों की कटाई का अनुमान है। स्थानीय जानकारों के अनुसार अवैध कटाई करने वालों द्वारा सरकारी तथा कुछ निजी (किसानों की) जमीनों पर स्थित पेड़ों को कथित रूप से दबंगई दिखाकर काटा गया है।

अब देखना होगा कि विभागीय जांच के बाद इस पूरे मामले में क्या ठोस कार्रवाई सामने आती है।

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