सिवनीमध्यप्रदेश

15 जून से सक्रिय हुआ जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष, 24 घंटे मिलेगी सहायता

मानसून के दौरान अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति से निपटने प्रशासन की तैयारी

कंट्रोल रूम 30 अक्टूबर तक रहेगा संचालित

Seoni 15 June 2026
सिवनी यशो:- आगामी मानसून सत्र में संभावित अतिवर्षा, जलभराव एवं बाढ़ जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने जिला स्तरीय बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया है। कलेक्टर कार्यालय स्थित जिला कॉल सेंटर एवं कंट्रोल कमांड सेंटर (डीसीसीसी) कार्यालय में यह नियंत्रण कक्ष 15 जून 2026 से 30 अक्टूबर 2026 तक संचालित रहेगा।

सचिव गृह एवं समन्वयक, मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भोपाल के निर्देशानुसार स्थापित यह नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे कार्यरत रहेगा। यहां से जिले में अतिवर्षा, बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित सूचनाओं का संकलन, त्वरित आदान-प्रदान तथा राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय किया जाएगा।

सुरेश कुमार राय बनाए गए प्रभारी अधिकारी

जिला प्रशासन द्वारा श्री सुरेश कुमार राय, तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन, जिला सिवनी को जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं श्री घनश्याम मर्सकोले, अनुरेखक, तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय को सहायक प्रभारी अधिकारी बनाया गया है।

प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07692-225866 निर्धारित किया गया है। नागरिक प्रभारी अधिकारी श्री सुरेश कुमार राय के मोबाइल नंबर 9406785454 तथा सहायक प्रभारी अधिकारी श्री घनश्याम मर्सकोले के मोबाइल नंबर 9301662708 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

वर्षा आंकड़ों की होगी सतत निगरानी

जिले में स्थापित वर्षा मापक केंद्रों से प्राप्त दैनिक वर्षा आंकड़ों का नियमित संकलन कर उन्हें मौसम केंद्र भोपाल को प्रेषित किया जाएगा। इससे मौसम संबंधी गतिविधियों की सतत निगरानी और संभावित आपदा की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाने में मदद मिलेगी।

नागरिकों से सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अतिवर्षा, जलभराव, नदी-नालों के उफान अथवा बाढ़ जैसी किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और आपदा प्रबंधन से जुड़े आवश्यक संसाधनों को भी सक्रिय रखा गया है।

Dainikyashonnati

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