संभावित अल्प वर्षा पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सतर्क, किसानों के लिए जारी किए अहम निर्देश
सभी विभागों को समन्वित तैयारी के निर्देश, कम पानी वाली फसलें अपनाने, जल संरक्षण और राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड बनाने पर जोर
संभावित अल्प वर्षा मध्यप्रदेश – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सतर्क, किसानों के लिए जारी किए अहम निर्देश
Bhopal 02 July 2026
भोपाल यशो:- संभावित अल्प वर्षा की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जल संसाधन, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित विभिन्न विभागों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संभावित कम वर्षा को संकट नहीं बल्कि वैज्ञानिक योजना और बेहतर प्रबंधन के अवसर के रूप में लिया जाए तथा सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए किसानों को समय पर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों जैसे ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, तुअर तथा कोदो-कुटकी की खेती के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसान पर्याप्त नमी बनने के बाद ही बुवाई करें तथा नमी संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं।
जल संरक्षण और वैकल्पिक व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नगरीय निकायों में वैकल्पिक जल स्रोतों का चिन्हांकन किया जाए तथा टैंकर व्यवस्था की आकस्मिक योजना तैयार रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत बंद और अधूरी नल-जल योजनाओं की मरम्मत के लिए 90 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा।
साथ ही पुराने तालाब, कुएं, बावड़ियों और अन्य जल संरचनाओं के पुनर्जीवन का कार्य मिशन मोड में किया जाएगा।
हर जिले के लिए अलग आकस्मिक योजना
बैठक में बताया गया कि प्रत्येक जिले के लिए कंटीजेंसी क्रॉप प्लान तैयार किया जा रहा है। प्रमुख जलाशयों के जल प्रबंधन के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल लागू होगा, जिसमें पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य स्तर पर जल डैशबोर्ड बनाकर रियल टाइम मॉनिटरिंग और पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित की जाएगी।
सोशल मीडिया के माध्यम से किसानों तक पहुंचेगी जानकारी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मौसम की जानकारी, फसल सलाह और कृषि विशेषज्ञों के सुझाव सोशल मीडिया एवं कृषि विस्तार तंत्र के माध्यम से किसानों तक नियमित रूप से पहुंचाए जाएं।
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साथ ही फसल बीमा, डिजिटल क्रॉप सर्वे और सैटेलाइट आधारित क्षति आकलन प्रणाली को भी प्रभावी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है और संभावित अल्प वर्षा के प्रभाव को कम करने के लिए राज्य सरकार हर आवश्यक कदम उठाएगी।



