मध्यप्रदेशसिवनी

कब बनेगी छींदा से बंदेली की जर्जर सड़क? गड्ढों में तब्दील मार्ग से ग्रामीण परेशान

बारिश में बढ़ी परेशानी, दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित; जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग

छींदा से बंदेली सड़क जर्जर, कब बनेगी? गड्ढों से परेशान दर्जनों गांवों के ग्रामीण

Seoni 31 July 2026
सिवनी / छींदा-केवलारी यशो:- केवलारी क्षेत्र के ग्राम छींदा से बंदेली तक जाने वाली सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों और उखड़ी हुई सड़क के कारण इस मार्ग से आवागमन करने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश शुरू होने के बाद सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।

छींदा से बंदेली तक जर्जर सड़क और गड्ढों की बदहाल स्थिति
छींदा से बंदेली तक जर्जर सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों से ग्रामीण परेशान।

ग्राम छींदा, मालनवाड़ा, पुंगार, सरई, गोपेवानी, खुर्शीपार माल, खुर्शीपार दीप, भाटा, कारेपाठा, टाला-टाली, केवलारी खेड़ा, बक्शी, बबरिया, टिगरा, तिदुंआ, चांदखेड़ा, रायखेड़ा, मोहगांव माल, अहरवाड़ा और बंदेली सहित आसपास के अनेक गांवों के ग्रामीण इस मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के दैनिक आवागमन पर पड़ रहा है।

बारिश ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के पूर्व ही छींदा, अहरवाड़ा और बंदेली क्षेत्र के किसानों एवं जागरूक नागरिकों ने लोक निर्माण विभाग, प्रशासन तथा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से सड़क की समस्या दूर करने की मांग की थी। ग्रामीणों ने नई सड़क बनाए जाने के लिए लिखित एवं मौखिक रूप से अपनी समस्या अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखी थी।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का नवीनीकरण तो दूर, संबंधित विभाग द्वारा जर्जर सड़क की आवश्यक मरम्मत तक नहीं कराई गई। बारिश के दौरान सड़क पर पानी भरने से गड्ढे और अधिक खतरनाक हो गए हैं। कई स्थानों पर सड़क की वास्तविक स्थिति बारिश के पानी के कारण दिखाई नहीं देती, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

गड्ढों में तब्दील हुआ छींदा-बंदेली मार्ग

केवलारी से छींदा जाने वाले मार्ग पर बंदेली से छींदा के बीच सड़क की स्थिति बेहद खराब होने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है। जगह-जगह बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी धीमी गति से आवागमन करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यह मार्ग किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है। विशेषकर बारिश के दौरान रात के समय इस सड़क पर आवागमन करना बेहद कठिन हो जाता है।

किसानों के लिए भी यह सड़क महत्वपूर्ण है। कृषि कार्यों से जुड़े लोगों को अपने खेतों तक पहुंचने तथा उपज को बाजार तक ले जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। सड़क खराब होने के कारण वाहनों के रखरखाव और परिवहन लागत पर भी अतिरिक्त भार पड़ने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है।

सांसद और विधायक को भी दिया आवेदन

छींदा क्षेत्र के रहवासियों ने ग्राम छींदा से बंदेली तक सड़क को नए सिरे से बनाए जाने की मांग को लेकर मंडला-सिवनी सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते तथा केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश सिंह को लिखित आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया था।

ग्रामीणों का कहना है कि आवेदन देने के बावजूद अब तक सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उनका कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का इस मार्ग से आवागमन भी होता है, इसलिए उन्हें सड़क की वास्तविक स्थिति से परिचित होना चाहिए।

ग्रामीणों ने मांग की है कि समस्या को केवल आश्वासन तक सीमित न रखते हुए सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराया जाए और तत्काल आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए।

फिलहाल मरम्मत, बारिश बाद नई सड़क की मांग

छींदा क्षेत्र के जागरूक किसानों और युवाओं ने अब सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से प्रशासन और शासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करने का निर्णय लिया है।

ग्रामीणों की मांग है कि बारिश के दौरान फिलहाल सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों को भरकर आवागमन योग्य बनाया जाए। इसके बाद बारिश समाप्त होते ही ग्राम छींदा से बंदेली तक सड़क का नए सिरे से निर्माण कराया जाए, ताकि आने वाले वर्षों में ग्रामीणों को बार-बार इसी समस्या का सामना न करना पड़े।

सड़क नहीं सुधरी तो आंदोलन की चेतावनी

क्षेत्र के कुछ समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश के दौरान सड़क के गड्ढों की तत्काल मरम्मत नहीं की गई तो आने वाले समय में ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि क्षेत्र के दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। इसकी खराब स्थिति के कारण स्कूली विद्यार्थियों, किसानों, कर्मचारियों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए और स्थायी समाधान के लिए नई सड़क निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

दुर्घटना होने पर जवाबदेही तय करने की मांग

छींदा क्षेत्र के जागरूकजनों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क की वर्तमान स्थिति में यदि कोई गंभीर दुर्घटना होती है तो इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।

अब देखना होगा कि ग्रामीणों की लगातार उठ रही मांग के बाद लोक निर्माण विभाग और प्रशासन इस जर्जर सड़क को लेकर क्या कदम उठाते हैं और छींदा से बंदेली तक की सड़क का स्थायी समाधान कब होता है।

छींदा से प्रदीप राय

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