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ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी, CM मोहन यादव ने कार्यशाला का किया शुभारंभ

नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण से किफायती बिजली खरीद पर मंथन, भोपाल में जुटे ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऊर्जा कार्यशाला का किया शुभारंभ, किफायती बिजली पर मंथन

भोपाल यशो :-बिजली की बढ़ती मांग, नवीकरणीय ऊर्जा के तेजी से विस्तार और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के बीच किफायती एवं भरोसेमंद विद्युत व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश में मंथन तेज हो गया है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित “नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण की किफायती विद्युत खरीद” विषयक क्षेत्रीय कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण कार्यशाला का शुभारंभ किया
भोपाल में क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

ऊर्जा क्षेत्र के बदलते परिदृश्य के बीच आयोजित इस कार्यशाला में नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी, ऊर्जा भंडारण की उपयोगिता और विद्युत वितरण कंपनियों के लिए किफायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

बिजली व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करने पर जोर

सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन बढ़ने के साथ ऊर्जा को आवश्यकता के समय उपलब्ध कराने की चुनौती भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में ऊर्जा भंडारण तकनीक को भविष्य की बिजली व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

कार्यशाला में इसी दृष्टि से ऊर्जा भंडारण के विकल्पों और नवीकरणीय ऊर्जा की किफायती खरीद को लेकर संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है।

डिस्कॉम्स के सामने लागत और आपूर्ति का संतुलन

विद्युत वितरण कंपनियों के लिए बिजली की उपलब्धता के साथ उसकी लागत को नियंत्रित रखना भी महत्वपूर्ण है। बढ़ती मांग के बीच किफायती बिजली खरीद, विश्वसनीय आपूर्ति और ऊर्जा के नए स्रोतों के बेहतर इस्तेमाल को लेकर रणनीति तैयार करना आने वाले समय की बड़ी जरूरत है।

ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन की यह क्षेत्रीय कार्यशाला इसी व्यापक विषय पर संवाद और अनुभव साझा करने का मंच बनी है।

नवीकरणीय ऊर्जा के साथ स्टोरेज पर फोकस

नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विस्तार ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला रहा है। इसके साथ ऊर्जा भंडारण की क्षमता बढ़ाना जरूरी हो गया है, ताकि जरूरत के अनुरूप बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल सके।

कार्यशाला में नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को विद्युत खरीद व्यवस्था के साथ प्रभावी रूप से जोड़ने तथा बिजली की लागत को किफायती रखने से जुड़े पहलुओं पर मंथन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों की सहभागिता रही। कार्यशाला में होने वाला विचार-विमर्श नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और किफायती विद्युत खरीद के क्षेत्र में आगे की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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