कोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी: छिंदवाड़ा SP के खिलाफ गैर-जमानती वारंट
अवमानना मामले में हाईकोर्ट सख्त—नोटिस के बावजूद पेशी नहीं, आदेश पालन की रिपोर्ट भी नहीं हुई पेश; 1 अक्टूबर को कोर्ट में पेश कराने के निर्देश
छिंदवाड़ा SP अजय पांडे के खिलाफ NBW, 1 अक्टूबर को हाईकोर्ट में पेशी
Chhindwara 22 September 2026
जबलपुर/छिंदवाड़ा यशो: – मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायालय के आदेश के पालन और न्यायालय में उपस्थिति से जुड़े अवमानना मामले में छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अजय पांडे के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने एसपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करते हुए उन्हें 1 अक्टूबर 2026 को हाईकोर्ट के समक्ष पेश कराने के निर्देश दिए हैं। वारंट की तामीली पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर के माध्यम से कराने को कहा गया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला छिंदवाड़ा में पदस्थ रहे दिवंगत पुलिसकर्मी संतोष पांडे से जुड़ा है। सेवानिवृत्ति के बाद उनका निधन हो गया था। इसके बाद विभाग की ओर से 2 लाख 24 हजार रुपये की रिकवरी निकाली गई थी। इस रिकवरी के खिलाफ उनकी पत्नी सीता तिवारी, निवासी सुहागी, जबलपुर ने हाईकोर्ट का रुख किया था।
मामले में हाईकोर्ट की ओर से राहतकारी आदेश पारित किए जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं होने का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सचिन पांडे ने पक्ष रखा।
नोटिस के बाद भी नहीं आई अनुपालन रिपोर्ट
अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने 6 नवंबर 2025 को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह तथ्य आया कि नोटिस जारी होने के बावजूद अब तक न्यायालय के आदेश के पालन की रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई।
रिकॉर्ड के अनुसार, छिंदवाड़ा एसपी ने 11 फरवरी 2026 को गृह विभाग के अवर सचिव को पत्र लिखकर अवमानना याचिका का नोटिस प्राप्त होने और आवश्यक मंजूरी के लिए विभाग को पत्र भेजे जाने की जानकारी दी थी। इसके बावजूद मामले में अपेक्षित अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुई।
कोर्ट में उपस्थिति नहीं होने पर NBW
मामले की सुनवाई के दौरान नोटिस के बावजूद न्यायालय के समक्ष उपस्थिति नहीं होने और आदेश पालन की रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया। इसके बाद न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने छिंदवाड़ा SP अजय पांडे के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि वारंट की तामीली IG पुलिस, जबलपुर के माध्यम से कराई जाए और एसपी को 1 अक्टूबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए।
2.24 लाख की रिकवरी से शुरू हुआ मामला, अब NBW तक पहुंचा
दिवंगत पुलिसकर्मी से जुड़ी 2.24 लाख रुपये की रिकवरी के मामले में शुरू हुई कानूनी लड़ाई अब अवमानना कार्रवाई और गैर-जमानती वारंट तक पहुंच गई है। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब 1 अक्टूबर की पेशी इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।
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