13 लाख के लेनदेन ने ली 75 वर्षीय वृद्ध की जान! कुरई पुलिस ने सुलझाया अंधा कत्ल
10 सितंबर से लापता मनीराम मेश्राम का शव 20 सितंबर को रमली के जंगल में बोरी में मिला, अंतिम बार साथ दिखे युवक से पूछताछ के बाद हत्या का खुलासा
कुरई में अंधे कत्ल का खुलासा, 13 लाख के विवाद में वृद्ध की हत्या
सिवनी/कुरई यशो :- कुरई थाना पुलिस ने एक वृद्ध की हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, 13 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर चल रहे विवाद के चलते 75 वर्षीय मनीराम मेश्राम की हत्या की गई और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को रमली के जंगल में फेंक दिया गया। मामले में पुलिस ने ग्राम जिरेवाड़ा निवासी अखिलेश कावल (37) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
10 सितंबर को घर से निकले, फिर नहीं लौटे
पुलिस के अनुसार, ग्राम जिरेवाड़ा निवासी द्वारका मेश्राम ने 16 सितंबर 2026 को थाना कुरई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके 75 वर्षीय पिता मनीराम मेश्राम 10 सितंबर को दोपहर करीब 12:30 बजे से लापता हैं। परिजनों ने आसपास और संभावित स्थानों पर तलाश की, लेकिन वृद्ध का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी गई।
मामले में थाना कुरई पुलिस ने अपराध क्रमांक 418/2026, धारा 140(3) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
जंगल में बोरी से ढका मिला शव
जांच के दौरान 20 सितंबर को ग्राम रमली के जंगल में नालीनुमा स्थान पर प्लास्टिक की बोरी से ढका एक अज्ञात शव बरामद हुआ। मौके पर पहुंचे मृतक के पुत्र द्वारका मेश्राम और नाती शिवम ने शव की पहचान मनीराम मेश्राम के रूप में की।
शव अत्यधिक सड़ी-गली अवस्था में था। पुलिस ने मेडिकल कॉलेज सिवनी की फोरेंसिक विशेषज्ञ टीम से पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई।
आखिरी बार अखिलेश के साथ दिखे थे मनीराम
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि मनीराम मेश्राम को आखिरी बार गांव के ही अखिलेश कावल के साथ देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर अखिलेश को पूछताछ के लिए बुलाया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सामने आया कि मृतक ने अपनी जमीन 13 लाख रुपये में बेची थी और इसी रकम के लेनदेन को लेकर मृतक एवं आरोपी के बीच विवाद चल रहा था।
आर्थिक विवाद के बाद हत्या का पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने आर्थिक विवाद के चलते मनीराम मेश्राम की हत्या करने की बात स्वीकार की। पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद पहचान और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को प्लास्टिक की बोरी से ढककर रमली के जंगल में फेंक दिया गया था।
विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने प्रकरण में धारा 140(3), 103(1) एवं 238 बीएनएस जोड़ी और आरोपी अखिलेश कावल पिता अशोक कावल, उम्र 37 वर्ष, निवासी ग्राम जिरेवाड़ा को विधिवत गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
एसपी के निर्देशन में कार्रवाई
पुलिस के अनुसार कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिवनी कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी बरघाट ललित गठरे के मार्गदर्शन में की गई।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कृपाल शाह तेकाम, उप निरीक्षक इंजनसिंह मर्सकोले, सउनि शैलेन्द्र डोंगरे, भुपेन्द्र नागेश्वर एवं दिलीप सरयाम सहित प्रधान आरक्षक चंचलेश नरवरे, राजेश माथरे, महेन्द्र परतेती तथा आरक्षक अविनाश पांडे, राजेन्द्र कटरे, सतीश इनवाती, मुकेश भगत, प्रकाश उइके, ललित शर्मा एवं चालक आरक्षक यशपाल सिंह उइके की भूमिका रही।
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