क्राइममध्यप्रदेशसिवनी
आत्महत्या के दुष्प्रेरण के आरोप से आरोपीगण दोषमुक्त, अधिवक्ता सोहेल खान ने की पैरवी
Seoni 17 April 2025
सिवनी यशो:- गत दिवस प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सिवनी द्वारा आत्महत्या के दुष्प्रेरण के आरोपीगण संतोष ठाकुर एवं राजेश ठाकुर को दोषमुक्त किया गया । प्रकरण की पैरवी प्रख्यात अधिवक्ता सोहेल जकी अनवर खान एवं सज्जाद अनवर खान और उनके सहयोगी अधिवक्तों द्वारा की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 23.10.2015 को मृ़तक नंदकिशोर बंदेवार निवासी चिरचिराटोला अपने बच्चों एवं गांव के अन्य लोंगो के साथ देवी विसर्जन करने बैनगंगा नदी देवघाट गया था। देवी विसर्जन कार्यक्रम के दौरान नाचने की बात को लेकर गंाव के संतोष ठाकुर ने गाली गलौच मारपीट किया तत्पश्चात घर वापस आने पर पुन: संतोष ठाकुर एवं उसके भाई राजेश ठाकुर द्वारा मृतक के घर में आकर गाली गलौच मारपीट तथा जान से मारने की धमकी दी गई, जो मृतक नंदकिशोर ने उक्त आरोपियों की प्रताडऩा से तंग आकर दिनाक 26.10.2015 को कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया जिसे इलाज के लिए पलारी उसके बाद सिवनी लाया गया तत्पशचात उसकी हालात बिगडने से उसे नागपुर रिफर किया गया । जहाँ ईलाज के द्वौरान दिनांक 27.10.2015 को नागपुर में मृतक नंदकिशोर की मृत्यु हो गई ।
प्रकरण की मर्ग डायरी नागपुर से प्राप्त होने पर मर्ग क्र. 04/16 कायम किया गया, विवेचना के दौरान आये साक्ष्यों से आरोपीगण का अपराध घटित करना पाये जाने से थाना केवलारी में अप.क्र.207/206 अंतर्गत धारा 306,34 भा.दा.वि. के अंतर्गत प्रकरण पजीबद्व किया गया तथा आरोपीगण को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां से आरोपीगणों को जेल भेजा गया था तथा प्रकरण की संपूर्ण विवेचना उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष चालान प्रस्तुत किया गया। जिसका विचारण माननीय न्यायालय पर चला। अभियोजन की ओर से उक्त प्रकरण मे कुल 18 साक्षीगणों की साक्ष्य माननीय न्यायलय के समक्ष कराई गई।
साक्षियो के परीक्षण और प्रतिपरीक्षण के दौरान आये तथ्यो तथा बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत घटनाक्रम और तर्को एवं उच्च न्यायलय व उच्चतम न्यायलय के विभिन्न न्यायदृष्टांतों को बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत किया गया, अभियोजन के द्वारा उक्त प्रकरण को अभियुक्तगण के विरूद्व युक्तियुक्त संदेह से प्रमाणित नही किया जा सका तथा माननीय न्यायालय के समक्ष आयें तथ्यों एवं अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए माननीय न्यायालय के द्वारा आरोपीगण संतोष ठाकुर एवं राजेश ठाकुर को दोषमुक्त किया गया । उल्लेखनीय है कि प्रकरण मे अभियोजन की ओर से सहायक लोक अभियोजक एवं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सोहेल जकी अनवर खान, अधिवक्ता सज्जाद अनवर खान एवं सहयोगी अधिवक्तागण के द्वारा पैरवी की गई थी।



