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कृषि कल्याण वर्ष में सिवनी बनेगा उन्नत और नवाचार आधारित कृषि मॉडल : कलेक्टर नेहा मीना

कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता एवं मत्स्य विभागों की समीक्षा बैठक में किसानों की आय बढ़ाने पर रहा विशेष फोकस

सिवनी कृषि कल्याण वर्ष में बनेगा उन्नत कृषि मॉडल : कलेक्टर नेहा मीना

Seoni 08 May 2026
सिवनी यशो:- नेहा मीना की अध्यक्षता में कृषि एवं कृषि संबद्ध विभागों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों, किसानों की आय वृद्धि, प्राकृतिक खेती, आधुनिक तकनीक आधारित कृषि, जैविक उत्पादों के बेहतर बाजार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, सहकारिता, मत्स्य एवं मंडी विभागों की योजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

खरीफ सीजन की तैयारियों और दलहन-तिलहन उत्पादन पर जोर

कलेक्टर नेहा मीना ने जिले की भौगोलिक स्थिति एवं फसलवार रकबे की जानकारी लेते हुए खरीफ मौसम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने तिलहन एवं दलहन फसलों का रकबा बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को ऐसी फसलों की ओर प्रेरित किया जाए, जिनसे कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त हो सके।

उन्होंने रागी जैसी पोषणयुक्त फसलों के विस्तार के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए।

तीन वर्षों की कृषि कार्ययोजना बनाने के निर्देश

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि “किसान कल्याण वर्ष केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों को तकनीक, बाजार, प्रसंस्करण और नवाचार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है।”

उन्होंने जिले के लिए आगामी तीन वर्षों की कृषि कार्ययोजना तैयार करने तथा लक्ष्य आधारित तरीके से कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर नेहा मीना कृषि एवं कृषि संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक लेते हुए
सिवनी में आयोजित कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश देतीं कलेक्टर नेहा मीना।

खाद-बीज की गुणवत्ता और उपलब्धता पर रहेगा फोकस

कलेक्टर ने खाद, बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने निजी आदान विक्रेताओं एवं उर्वरक वितरणकर्ताओं की बैठक आयोजित कर गुणवत्ता और निर्धारित कीमतों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ई-विकास प्रणाली के माध्यम से खाद वितरण की सतत मॉनिटरिंग करने को कहा।

आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर

बैठक में आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने जिले में संचालित कस्टम हायरिंग सेंटरों की समीक्षा करते हुए किसानों का जे-फॉर्म एप में पंजीयन बढ़ाने तथा कृषि यंत्रों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसान भी आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर उत्पादन लागत कम कर सकते हैं।

प्राकृतिक खेती और जैविक उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा

आत्मा परियोजना अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण, कृषक संगोष्ठियों एवं मेलों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने प्रशिक्षण प्राप्त किसानों को “मास्टर ट्रेनर” के रूप में विकसित करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि सफल किसान अन्य किसानों को प्रेरित करें, ताकि उन्नत खेती की तकनीक गांव-गांव तक पहुंचे।

प्राकृतिक खेती एवं जैविक उत्पादन को लेकर उन्होंने जिले में जैविक हाट बाजारों को सक्रिय करने तथा जैविक उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सीताफल ब्रांडिंग और मखाना खेती पर रहेगा विशेष फोकस

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान सब्जी, फल, औषधीय एवं पुष्प फसलों के रकबे की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने गेंदे की खेती का रकबा बढ़ाने तथा किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

“एक जिला एक उत्पाद” योजना अंतर्गत सीताफल की ब्रांडिंग, मार्केटिंग एवं उत्पादन बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि के प्रयासों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सिवनी का सीताफल जिले की अलग पहचान बन सकता है।

उन्होंने सीताफल को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही जिले में नवाचार के रूप में मखाना खेती को बढ़ावा देने तथा इच्छुक किसानों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

दुग्ध उत्पादन और पशु चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा

पशुपालन विभाग एवं सहकारी दुग्ध संघ की समीक्षा के दौरान दुग्ध संग्रहण की स्थिति, सक्रिय दुग्ध समितियों एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी ली गई।

कलेक्टर ने अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को दुग्ध उत्पादन गतिविधियों से जोड़कर स्वरोजगार बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक में बरघाट की एक गौशाला के क्रियाशील नहीं पाए जाने तथा छपारा एवं घंसौर क्षेत्र में चलित पशु उपचार सेवाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सहकारिता और मत्स्य पालन योजनाओं की समीक्षा

सहकारी केंद्रीय बैंक की समीक्षा के दौरान खाद वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड वितरण तथा समितियों की गतिविधियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पात्र किसानों को समय पर केसीसी का लाभ उपलब्ध कराने और सहकारी समितियों को अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश दिए।

मत्स्य विभाग की समीक्षा में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं मत्स्य पालकों को दिए जा रहे लाभों की जानकारी ली गई। उन्होंने मत्स्य पालन को रोजगार और आय वृद्धि का बेहतर माध्यम बताते हुए अधिक से अधिक युवाओं एवं किसानों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए।

मंडियों में किसानों को मिले पारदर्शी और बेहतर व्यवस्था

बैठक में मंडी विभाग की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। कृषि उपज मंडियों में किसानों को मिलने वाली सुविधाओं, उपज विक्रय व्यवस्था एवं भुगतान प्रणाली पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने किसानों के लिए पारदर्शी एवं सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की उपज को बेहतर मूल्य दिलाने तथा व्यवस्थित विपणन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

बैठक में अंजली शाह सहित कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन एवं पशुपालन विभागों के जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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