सिवनीक्राइममध्यप्रदेश

किसानों के नाम फर्जी ऋण दर्ज होने के आरोप, उपार्जन भुगतान में कटौती से मचा बवाल

लालपुर सेवा सहकारी समिति जांच और कार्रवाई से हड़कंप

सेवा सहकारी समितियों में फर्जी ऋण घोटाले के आरोप, राशि कटौती से बवाल 

Seoni 29 May 2026

सिवनी यशो:- जिले की कई सेवा सहकारी समितियों में गंभीर अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप सामने आ रहे हैं। किसानों के नाम पर फर्जी ऋण दर्ज करने, उपज उपार्जन राशि में कटौती करने और राशन वितरण में गड़बड़ी जैसे मामलों ने पूरे सहकारी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

किसानों के नाम फर्जी ऋण दर्ज होने के आरोप

ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कई किसानों के नाम पर ऐसे ऋण दर्ज कर दिए गए हैं, जिनकी उन्हें जानकारी तक नहीं है। कई किसानों को मोबाइल पर ऋण जमा करने के मैसेज प्राप्त हो रहे हैं, जबकि वे किसी भी ऋण प्रक्रिया का हिस्सा नहीं थे।

आरोप यह भी हैं कि समर्थन मूल्य पर बेची गई उपज के भुगतान में फर्जी ऋण राशि को काट लिया जा रहा है। जब किसानों ने आपत्ति दर्ज कराई तो उन्हें असंतोषजनक जवाब देकर टाल दिया गया।

कुछ मामलों में इसे “गलती से हुआ समायोजन” बताकर सुधार का आश्वासन दिया गया, लेकिन किसानों में लगातार असंतोष बना हुआ है।

गंभीर अनियमितताओं और गबन की आशंका

किसानों का आरोप है कि जिन ऋणों के लिए वे पात्र भी नहीं हैं, वे भी उनके नाम पर दर्ज किए गए हैं। इससे सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार कुछ शिकायतें सीएम हेल्पलाइन तक भी पहुंची हैं, जबकि कलेक्टर कार्यालय में भी इस संबंध में सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि जिले में व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं हो सकती हैं।

लालपुर सहकारी समिति पर बड़ी कार्रवाई

इस बीच बरघाट विकासखंड की सेवा सहकारी समिति लालपुर में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। समिति के पूर्व प्रबंधक और एक अन्य कर्मचारी को सेवा समाप्ति (सेवा मुक्ति) आदेश जारी किए गए हैं।

दोनों कर्मचारी पहले से ही निलंबित थे।

प्रशासक द्वारा यह कार्रवाई संयुक्त पंजीयक जबलपुर के मौखिक निर्देश और 20 अप्रैल 2026 की बैठक कार्यवाही के आधार पर की गई बताई जा रही है।

55 लाख से अधिक की वसूली प्रस्तावित

प्राप्त जानकारी के अनुसार, समिति में धान उपार्जन से संबंधित जांच के लिए एक जांच दल गठित किया गया था। जांच रिपोर्ट उपायुक्त सहकारिता सिवनी को सौंपी गई।

जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों कर्मचारियों पर 55,59,401 रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई है। यह राशि मुख्य रूप से धान उपार्जन कार्य के लिए प्राप्त खाली बारदानों से जुड़ी अनियमितताओं से संबंधित बताई जा रही है।

यदि वसूली राशि जमा नहीं की जाती है तो आगे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

सहकारी समितियों में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य सहकारी समितियों में भी हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक माना जा रहा है।

हालांकि, यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह कार्रवाई किस पूर्ण निष्कर्ष पर आधारित है और आगे अन्य समितियों में जांच कितनी व्यापक होगी।

पूरा मामला सहकारी समितियों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। किसानों के हितों से जुड़े इस संवेदनशील क्षेत्र में यदि अनियमितताओं के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती होगी।

https://www.pib.gov.in/PressNoteDetails.aspx?NoteId=154937&ModuleId=2&reg=3&lang=2

Dainikyashonnati

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