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हर गरीब को मिलेगा पक्का घर: शिवराज सिंह चौहान ने 12 राज्यों को जारी किए ₹10,021 करोड़, PMAY-G को मिली नई रफ्तार

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ी वित्तीय सहायता, लाखों ग्रामीण परिवारों के आवास निर्माण को मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण: 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी, लाखों गरीबों को मिलेगा पक्का घर

नई दिल्ली (पीआईबी) – ग्रामीण भारत के गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 12 राज्यों को ₹10,021.42 करोड़ की मदर सैंक्शन जारी की है। इस राशि से लाखों पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए आवास निर्माण कार्य को गति मिलेगी और ‘हर गरीब को पक्का घर’ का संकल्प और मजबूत होगा।

पीएमएवाई-जी के तहत शिवराज सिंह चौहान ने 12 राज्यों को ₹10021 करोड़ की मदर सैंक्शन जारी की
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ की मदर सैंक्शन जारी की।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी, उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राजस्थान के मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, असम के मंत्री अतुल बोरा, झारखंड की मंत्री दीपिका पांडे सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि जिन राज्यों को मदर सैंक्शन जारी की गई है उनमें असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट संकल्प है कि देश का कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर न रहे। इसी उद्देश्य से वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरुआत की गई थी। योजना के तहत अब तक 4.95 करोड़ घरों के लक्ष्य में से 3.91 करोड़ घरों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जबकि 3.05 करोड़ से अधिक आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार केवल मकान नहीं बना रही है, बल्कि ऐसे घर तैयार कर रही है जहां सड़क, बिजली, पेयजल, रसोई गैस और शौचालय जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इससे ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आ रहा है और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने राज्यों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने हेल्पलाइन, शिकायत निवारण प्रणाली, वर्षा जल संचयन, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन तथा राजमिस्त्री प्रशिक्षण जैसे प्रभावी प्रयास किए हैं, जिससे योजना के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय तेजी आई है।

महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पीएमएवाई-जी के अंतर्गत लगभग 75 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में स्वीकृत किए गए हैं। इससे महिलाओं का सामाजिक सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ा है।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ गरीब परिवारों के पास स्वयं की भूमि नहीं होने के कारण आवास निर्माण में कठिनाई आती है। ऐसे मामलों में राज्यों को भूमि उपलब्ध कराने और पात्र परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए विशेष पहल करनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने राज्यों से लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण, निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा जारी राशि के समयबद्ध उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों ने अभी तक वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लक्ष्यों के अनुरूप आवास स्वीकृतियां पूरी नहीं की हैं, जिन्हें 30 जून 2026 तक पूरा किया जाना चाहिए।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2026 को आयोजित होने वाले ‘एक पेड़, माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने प्रत्येक पीएमएवाई-जी लाभार्थी और प्रत्येक आवास इकाई से कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान भी किया।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पहले ही ₹11,121 करोड़ की मदर सैंक्शन जारी की जा चुकी है और अब ₹10,021 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक आवास निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से पूरा किया जाएगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण आज ग्रामीण भारत के विकास और सामाजिक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र ग्रामीण परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे और प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2266263&reg=3&lang=2

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